इलेक्ट्रॉन की कक्षीय गति के कारण चुंबकीय आघूर्ण $(n =$ मुख्य क्वांटम संख्या$)$ के समानुपाती होता है।

  • A
    $1/n^2$
  • B
    $1/n$
  • C
    $n^2$
  • D
    $n$

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पॉज़िट्रोनियम एक $H$-परमाणु की तरह ही है,जिसमें प्रोटॉन को इलेक्ट्रॉन के धनावेशित एंटीपार्टिकल (जिसे पॉज़िट्रॉन कहा जाता है,जिसका द्रव्यमान इलेक्ट्रॉन के बराबर होता है) द्वारा प्रतिस्थापित किया जाता है। पॉज़िट्रोनियम की मूल अवस्था (ground state) ऊर्जा क्या होगी?

$12.75 \; eV$ ऊर्जा का प्रकाश अपनी मूल अवस्था (ground state) में एक हाइड्रोजन परमाणु पर आपतित होता है। परमाणु विकिरण को अवशोषित करता है और अपनी उत्तेजित अवस्थाओं में से एक तक पहुँच जाता है। उत्तेजित अवस्था में परमाणु का कोणीय संवेग $\frac{x}{\pi} \times 10^{-17} \; eVs$ है। $x$ का मान $........$ है। ($h=4.14 \times 10^{-15} \; eVs$ का उपयोग करें)

एक हाइड्रोजन परमाणु मूल अवस्था (ground state) में है। इसके उत्सर्जन स्पेक्ट्रम में छह रेखाएँ प्राप्त करने के लिए,आपतित विकिरण की तरंगदैर्घ्य .......... $\mathring A$ होनी चाहिए।

हाइड्रोजन परमाणु की मूल अवस्था में बोहर कक्षा की त्रिज्या $0.5 \ \mathring{A}$ है। $He^+$ की तीसरी उत्तेजित अवस्था में इलेक्ट्रॉन की कक्षा की त्रिज्या ...... $\mathring{A}$ होगी।

हाइड्रोजन परमाणु की सबसे आंतरिक इलेक्ट्रॉन कक्षा की त्रिज्या $5.3 \times 10^{-11} \;m$ है। $n=2$ और $n=3$ कक्षाओं की त्रिज्याएँ क्या हैं?

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