प्रकाश-विद्युत प्रभाव (photoelectric effect) का अध्ययन किसे समझने में उपयोगी है?

  • A
    आवेश का क्वांटीकरण
  • B
    ऊर्जा का क्वांटीकरण
  • C
    ऊर्जा संरक्षण
  • D
    गतिज ऊर्जा का संरक्षण

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एक धातु की सतह पर दो फोटॉन,जिनकी ऊर्जा धातु के कार्य फलन (work function) की क्रमशः दोगुनी और तीन गुनी है,एक के बाद एक आपतित होते हैं। तो दोनों स्थितियों में उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन के अधिकतम वेगों का अनुपात क्या होगा?

एक प्रकाश-संवेदी पदार्थ पर,जब आपतित विकिरण की आवृत्ति में $20 \%$ की वृद्धि की जाती है,तो उत्सर्जित प्रकाशिक इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा $0.4 \ eV$ से बढ़कर $0.7 \ eV$ हो जाती है। पदार्थ का कार्य फलन (work function) है ($eV$ में)

एक धात्विक सतह से आपतित प्रकाश की आवृत्तियों ${\nu _1}$ और ${\nu _2}$ $({\nu _1} > {\nu _2})$ के लिए प्रकाश-विद्युत उत्सर्जन देखा जाता है। यदि दोनों स्थितियों में उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा का अनुपात $1:k$ है,तो धात्विक सतह की देहली आवृत्ति (threshold frequency) क्या है?

यदि किसी धातु का कार्य फलन $\phi$ है और आपतित प्रकाश की आवृत्ति $v$ है,तो किस स्थिति में फोटो-इलेक्ट्रॉन का उत्सर्जन नहीं होगा?

प्रकाशवैद्युत उत्सर्जन केवल तब होता है जब आपतित प्रकाश में एक निश्चित न्यूनतम से अधिक हो

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