पृथ्वी पर प्रेक्षित एक गतिमान तारे के प्रकाश की तरंगदैर्ध्य में $0.05\%$ की कमी पाई जाती है। पृथ्वी के सापेक्ष तारा:

  • A
    $1.5 \times 10^5 \ m/s$ के वेग से दूर जा रहा है
  • B
    $1.5 \times 10^5 \ m/s$ के वेग से पास आ रहा है
  • C
    $1.5 \times 10^4 \ m/s$ के वेग से दूर जा रहा है
  • D
    $1.5 \times 10^4 \ m/s$ के वेग से पास आ रहा है

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एक रॉकेट पृथ्वी से $6 \times 10^7 \ m/s$ की गति से दूर जा रहा है। रॉकेट में नीला प्रकाश है। पृथ्वी पर एक प्रेक्षक द्वारा रिकॉर्ड की गई प्रकाश की तरंगदैर्ध्य $\mathring A$ में क्या होगी? (नीले प्रकाश की तरंगदैर्ध्य $\lambda = 4600 \ \mathring A$)

प्रकाश के लिए डॉप्लर विस्थापन (Doppler shift) का सूत्र लिखिए।

एक रॉकेट पृथ्वी से $10^{6} \ m/s$ की गति से दूर जा रहा है। यदि इसके द्वारा उत्सर्जित प्रकाश तरंग की तरंगदैर्ध्य $5700 \ \mathring{A}$ है,तो इसका डॉप्लर विस्थापन (Doppler shift) $\mathring{A}$ में क्या होगा?

पृथ्वी से दूर जा रहे एक तारे से आने वाले प्रकाश की आभासी तरंगदैर्ध्य उसकी वास्तविक तरंगदैर्ध्य से $0.02 \%$ अधिक है। तारे का वेग ज्ञात कीजिए $[c = 3 \times 10^8 \ m/s]$। ($km/s$ में)

प्रकाश के लिए डॉप्लर प्रभाव क्या है? डॉप्लर विस्थापन (Doppler shift) का सूत्र व्युत्पन्न कीजिए।

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