एक धातु की सतह पर आपतित दो विकिरणों की ऊर्जा उस धातु के कार्य फलन (work function) की तुलना में क्रमशः दो गुनी और दस गुनी है,जो प्रकाश-विद्युत प्रभाव उत्पन्न करते हैं। उत्सर्जित प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों के अधिकतम वेगों का अनुपात ज्ञात कीजिए।

  • A
    $3: 2$
  • B
    $1: 3$
  • C
    $2: 3$
  • D
    $1: 2$

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प्रकाश-विद्युत प्रभाव में उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा किस पर निर्भर नहीं करती है?

प्रकाश तरंग से जुड़ा चुंबकीय क्षेत्र मूल बिंदु पर $B = B_0 [\sin(3.14 \times 10^7 ct) + \sin(6.28 \times 10^7 ct)]$ द्वारा दिया गया है। यदि यह प्रकाश $4.7 \ eV$ के कार्य फलन वाली सिल्वर प्लेट पर गिरता है,तो फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा क्या होगी? ($eV$ में)

जब धातु के एक टुकड़े को $\lambda$ तरंगदैर्ध्य के एकवर्णी प्रकाश से प्रकाशित किया जाता है,तो निरोधी विभव (stopping potential) $3 V_{s}$ होता है। जब उसी सतह को $2 \lambda$ तरंगदैर्ध्य के प्रकाश से प्रकाशित किया जाता है,तो निरोधी विभव $V_{s}$ हो जाता है। प्रकाश-विद्युत उत्सर्जन के लिए देहली तरंगदैर्ध्य (threshold wavelength) का मान क्या होगा?

धातु की सतह से उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन का अधिकतम वेग $9 \times 10^5 \ m/s$ है। फोटोइलेक्ट्रॉन के आवेश $(e)$ और द्रव्यमान $(m)$ के अनुपात का मान $1.8 \times 10^{11} \ C/kg$ है। वोल्ट में निरोधी विभव (stopping potential) का मान क्या है?

सिल्वर के लिए फोटोइलेक्ट्रिक थ्रेशोल्ड तरंगदैर्ध्य $\lambda_{0}$ है। $\lambda$ $(\lambda < \lambda_{0})$ आपतित तरंगदैर्ध्य द्वारा सिल्वर की सतह से उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा क्या होगी?

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