$f_1:f_2 = 2:3$ के अनुपात में फोकल लंबाई वाले दो लेंसों को इस प्रकार संयोजित किया जाता है कि कोई शुद्ध विक्षेपण (dispersion) न हो। उपयोग किए गए कांच की विक्षेपण शक्ति (dispersive power) का अनुपात ज्ञात कीजिए।

  • A
    $2:3$
  • B
    $3:2$
  • C
    $4:9$
  • D
    $9:4$

Explore More

Similar Questions

दो पतले लेंसों की संयुक्त शक्ति $+9 \text{ D}$ है। जब उन्हें $20 \text{ cm}$ की दूरी पर रखा जाता है,तो उनकी समतुल्य शक्ति $+\frac{27}{5} \text{ D}$ हो जाती है। उनकी व्यक्तिगत शक्तियाँ (डायोप्टर में) हैं

$A$ फोकस दूरी का एक उत्तल लेंस और $B$ फोकस दूरी का एक अवतल लेंस एक-दूसरे के संपर्क में रखे गए हैं। इस संयोजन की फोकस दूरी ...... है।

चित्र में दिखाए गए लेंस संयोजन द्वारा निर्मित प्रतिबिंब की स्थिति और प्रकृति क्या है? ($f_1, f_2$ फोकस दूरियां हैं)

दो समान कांच $(\mu_g = 3/2)$ के उभयोत्तल (equiconvex) लेंस,जिनमें से प्रत्येक की फोकस दूरी $f$ है,संपर्क में रखे गए हैं। दोनों लेंसों के बीच के स्थान को पानी $(\mu_w = 4/3)$ से भर दिया जाता है। संयोजन की फोकस दूरी क्या होगी?

$20 \ cm$ और $25 \ cm$ फोकस दूरी वाले दो पतले लेंस संपर्क में रखे गए हैं। संयोजन की प्रभावी शक्ति क्या है ($D$ में)?

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo