अभिक्रिया $2N_2O_5 \rightarrow 4NO_2 + O_2$ के लिए,दर स्थिरांक $3.0 \times 10^{-5} \ s^{-1}$ है। यदि अभिक्रिया की दर $2.40 \times 10^{-5} \ mol \ L^{-1} \ s^{-1}$ है,तो $N_2O_5$ की सांद्रता $mol \ L^{-1}$ में ज्ञात कीजिए।

  • A
    $1.4$
  • B
    $1.2$
  • C
    $0.8$
  • D
    $0.04$

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एक प्रथम कोटि की अभिक्रिया में,अभिकारक की सांद्रता $15 \ min$ में $0.6 \ M$ से घटकर $0.3 \ M$ हो जाती है। सांद्रता को $0.1 \ M$ से $0.025 \ M$ तक बदलने में लगा समय (मिनट में) है

प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए प्रारंभिक दर $0.6932 \times 10^{-2} \ mol \ L^{-1} \ min^{-1}$ है और अभिकारक की प्रारंभिक सांद्रता $0.1 \ M$ है। तो $t_{1/2}$ ...... $min$ के बराबर है।

प्रथम कोटि की अभिक्रिया $2 N_2O_{5(g)} \rightarrow 4 NO_{2(g)} + O_{2(g)}$ के लिए,निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं?
$A.$ अभिकारक की सांद्रता समय के साथ चरघातांकीय (exponentially) रूप से घटती है।
$B.$ तापमान बढ़ने पर अभिक्रिया की अर्ध-आयु कम हो जाती है।
$C.$ अभिक्रिया की अर्ध-आयु अभिकारक की प्रारंभिक सांद्रता पर निर्भर करती है।
$D.$ अभिक्रिया आठ अर्ध-आयु काल में $99.6 \%$ पूर्ण हो जाती है।

एक प्रथम कोटि की अभिक्रिया का वेग स्थिरांक $k = 4.6 \times 10^{-3} \ s^{-1}$ है। निम्नलिखित में से सही कथन/कथनों की संख्या है/हैं
दिया गया है : $\log 3 = 0.48$
$A.$ अभिक्रिया $1000 \ s$ में पूर्ण होती है।
$B.$ अभिक्रिया की अर्ध-आयु $500 \ s$ है।
$C.$ $10 \ \%$ पूर्ण होने में लगा समय $90 \ \%$ पूर्ण होने में लगे समय का $25$ गुना है।
$D.$ वियोजन की मात्रा $(1 - e^{-kt})$ के बराबर है।
$E.$ वेग और वेग स्थिरांक की इकाई समान है।

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