डेविसन-जर्मर प्रयोग में,$1.5 \ \mathring{A}$ तरंगदैर्ध्य वाला एक इलेक्ट्रॉन पुंज $3 \ \mathring{A}$ के परमाणु अंतराल वाले क्रिस्टल पर लंबवत आपतित होता है। प्रथम उच्चिष्ठ (first maximum) किस कोण (डिग्री में) पर बनेगा?

  • A
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  • D
    $180$

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हाइजेनबर्ग के अनिश्चितता सिद्धांत का उपयोग करते हुए,निम्नलिखित कणों को उनकी न्यूनतम संभव ऊर्जा के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करें।
$(I)$ $H_{2}$ अणु में एक इलेक्ट्रॉन
$(II)$ $H_{2}$ अणु में एक हाइड्रोजन परमाणु
$(III)$ कार्बन नाभिक में एक प्रोटॉन
$(IV)$ नैनोट्यूब के भीतर एक $H_{2}$ अणु

इलेक्ट्रॉन तरंग जैसी प्रकृति के होते हैं,यह सबसे पहले किसने सत्यापित किया था?

डेविसन-जर्मर प्रयोग के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?

नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन $A$ और दूसरे को कारण $R$ के रूप में लेबल किया गया है।
अभिकथन $A:$ इलेक्ट्रॉनों का पुंज तरंग प्रकृति दर्शाता है और व्यतिकरण (interference) तथा विवर्तन (diffraction) प्रदर्शित करता है।
कारण $R:$ डेविसन-जर्मर प्रयोग ने इलेक्ट्रॉनों की तरंग प्रकृति को प्रयोगात्मक रूप से सत्यापित किया था।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में,नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:

डेविसन-जर्मर प्रयोग किसका प्रत्यक्ष प्रमाण है?

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