$2\, H$ प्रेरकत्व वाली एक कुंडली जिसका प्रतिरोध नगण्य है,एक ऐसे आपूर्ति स्रोत से जुड़ी है जिसका वोल्टेज $V = 3t$ वोल्ट है (जहाँ $t$ सेकंड में है)। यदि वोल्टेज $t = 0$ पर लागू किया जाता है,तो $4\, s$ के बाद कुंडली में संचित ऊर्जा ............ $J$ है।

  • A
    $144$
  • B
    $121$
  • C
    $169$
  • D
    $108$

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$L$ लंबाई वाले सोलेनोइड में संचित चुंबकीय ऊर्जा के लिए व्यंजक, चुंबकीय क्षेत्र $B$ और क्षेत्रफल $A$ के पदों में क्या है?

कथन : यदि किसी परिनालिका (solenoid) में धारा की दिशा को परिमाण समान रखते हुए उलट दिया जाए,तो परिनालिका में संचित चुंबकीय क्षेत्र ऊर्जा अपरिवर्तित रहती है।
कारण : चुंबकीय क्षेत्र ऊर्जा घनत्व चुंबकीय क्षेत्र के समानुपाती होता है।

यदि एक $LR$ परिपथ में धारा को आधा कर दिया जाए,तो उसमें संचित ऊर्जा कितनी होगी?

जब $4 \ mA$ की धारा एक प्रेरक (inductor) से गुजरती है,यदि इससे जुड़ा फ्लक्स $32 \times 10^{-6} \ T \ m^2$ है,तो प्रेरक में संचित ऊर्जा है

निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
$(a)$ प्रेरक (Inductor) चुंबकीय क्षेत्र के रूप में ऊर्जा संग्रहीत करता है।
$(b)$ संधारित्र (Capacitor) विद्युत क्षेत्र के रूप में ऊर्जा संग्रहीत करता है।
$(c)$ प्रेरक विद्युत और चुंबकीय दोनों क्षेत्रों के रूप में ऊर्जा संग्रहीत करता है।
$(d)$ संधारित्र विद्युत और चुंबकीय दोनों क्षेत्रों के रूप में ऊर्जा संग्रहीत करता है।

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