जब हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन पहली उत्तेजित अवस्था से मूल अवस्था में कूदता है,तो उत्सर्जित एकवर्णी विकिरण एक प्रकाश-संवेदी पदार्थ पर आपतित होता है। निरोधी विभव (stopping potential) $3.57 \; V$ मापा जाता है। पदार्थ की देहली आवृत्ति (threshold frequency) ......... $\times 10^{15} \; Hz$ है।

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$400 \,nm$ तरंगदैर्ध्य के आपतित प्रकाश द्वारा एक धात्विक सतह से उत्सर्जित सभी इलेक्ट्रॉन $2 \,N/C$ के एकसमान विद्युत क्षेत्र की दिशा में $1 \,m$ की दूरी तय करके विराम अवस्था में आ जाते हैं। सतह का कार्य फलन है ($\,eV$ में)

एक धातु के लिए प्रकाश-विद्युत प्रभाव की देहली तरंगदैर्ध्य $6500 \mathring{A}$ है। धातु का कार्य फलन लगभग .......... $eV$ है।

जब $\lambda$ तरंगदैर्ध्य का विकिरण एक धात्विक सतह पर आपतित होता है,तो उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन का निरोधी विभव (stopping potential) $4.8 \, V$ होता है। यदि उसी सतह को पिछली तरंगदैर्ध्य के दोगुने विकिरण से प्रकाशित किया जाए,तो निरोधी विभव $1.6 \, V$ हो जाता है। धातु की देहली तरंगदैर्ध्य (threshold wavelength) $... \lambda$ है।

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दो अलग-अलग आवृत्तियों का प्रकाश,जिनके फोटॉन की ऊर्जा क्रमशः $3.8 \, eV$ और $1.4 \, eV$ है,एक धात्विक सतह पर क्रमिक रूप से आपतित होता है जिसका कार्य फलन (work function) $0.6 \, eV$ है। उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम चाल का अनुपात क्या होगा?

एक धातु का कार्य फलन (work function) $1 \; eV$ है। $3000 \; \mathring{A}$ तरंगदैर्ध्य का प्रकाश इस धातु की सतह पर आपतित होता है। उत्सर्जित फोटो-इलेक्ट्रॉनों का वेग क्या होगा?

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