$6\, eV$ ऊर्जा वाले फोटॉन एक धातु की सतह पर आपतित होते हैं,जिसका कार्य फलन (work function) $4\, eV$ है। उत्सर्जित फोटो-इलेक्ट्रॉनों की न्यूनतम गतिज ऊर्जा क्या होगी?

  • A
    $0$
  • B
    $1$
  • C
    $2$
  • D
    $10$

Explore More

Similar Questions

फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा कैसे बदलती है?

कथन $-1$: जब पराबैंगनी प्रकाश एक फोटोसेल पर आपतित होता है, तो इसका निरोधी विभव (stopping potential) $V_0$ है और फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा $K_{max}$ है। जब पराबैंगनी प्रकाश को $X$-किरणों द्वारा प्रतिस्थापित किया जाता है, तो $V_0$ और $K_{max}$ दोनों बढ़ जाते हैं।
कथन $-2$: आपतित प्रकाश में मौजूद आवृत्तियों की सीमा के कारण फोटोइलेक्ट्रॉन शून्य से अधिकतम मान तक की गति के साथ उत्सर्जित होते हैं।

चित्र में एक पदार्थ के लिए निरोधी विभव $(V_0)$ बनाम आवृत्ति $(\nu)$ का आलेख दर्शाया गया है। देहली तरंगदैर्घ्य क्या है?

प्रकाश-विद्युत प्रभाव का वर्णन करने वाले चित्र से हम सही रूप से क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?

तरंगदैर्ध्य $\lambda$ वाली एक विद्युत चुम्बकीय तरंग नगण्य कार्य फलन वाली एक प्रकाश-संवेदी सतह पर आपतित होती है। यदि सतह से उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान $m$ और डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य $\lambda_{d}$ है,तो

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo