जब आपतित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य $500 \,nm$ से बदलकर दूसरी तरंगदैर्ध्य कर दी जाती है,तो फोटोइलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा में $0.52 eV$ की वृद्धि होती है। नई तरंगदैर्ध्य लगभग कितनी है ($\,nm$ में)?

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टंगस्टन पर सीज़ियम की बनी एक प्रकाश-संवेदी सतह को नियॉन बल्ब से $640.2 \ nm$ $(1 \ nm = 10^{-9} \ m)$ तरंगदैर्घ्य के एकवर्णी विकिरण द्वारा प्रकाशित किया जाता है। मापा गया निरोधी विभव (stopping potential) $0.54 \ V$ है। यदि स्रोत को बदलकर उसी फोटोसेल को $427.2 \ nm$ की रेखा द्वारा प्रकाशित किया जाए,तो नया निरोधी विभव कितने $V$ होगा?

Difficult
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सोडियम की सतह को $3000\ \mathring A$ तरंगदैर्ध्य के प्रकाश से प्रकाशित किया जाता है। सोडियम का कार्य फलन $2.6\ eV$ है। उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम $K.E.$ ........ $eV$ है।

नियोन लैंप से $640.2 \;nm$ $(1 \;nm = 10^{-9} \;m)$ तरंगदैर्ध्य का एकवर्णी विकिरण टंगस्टन पर सीज़ियम से बनी प्रकाश-संवेदी सामग्री पर आपतित होता है। निरोधी विभव (stopping voltage) $0.54 \;V$ मापा जाता है। स्रोत को बदलकर एक आयरन स्रोत लगाया जाता है और इसकी $427.2 \;nm$ की रेखा उसी फोटो-सेल पर आपतित होती है। नया निरोधी विभव ($V$ में) ज्ञात कीजिए। ($;V$ में)

एक धातु का प्रकाश-विद्युत कार्य फलन $1 \ eV$ है। इस पर $\lambda = 3000 \ \mathring{A}$ तरंगदैर्ध्य का प्रकाश आपतित होता है। उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन का वेग क्या होगा?

Difficult
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यदि प्रकाश-विद्युत प्रभाव के एक प्रयोग में प्रकाश की तरंगदैर्ध्य को $60\%$ कम कर दिया जाए,तो $K_{max}$ $5\,eV$ से बदलकर $17\,eV$ हो जाता है। धातु का कार्य फलन (work function) ............. $eV$ है।

Difficult
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