दो उपग्रहों,$A$ और $B$ के द्रव्यमान क्रमशः $m$ और $2m$ हैं। $A$ त्रिज्या $R$ की एक वृत्ताकार कक्षा में है और $B$ पृथ्वी के चारों ओर $2R$ त्रिज्या की एक वृत्ताकार कक्षा में है। उनकी गतिज ऊर्जाओं का अनुपात,$K.E._A / K.E._B ,$ है

  • A
    $1/2$
  • B
    $1$
  • C
    $2$
  • D
    $\sqrt{1/2}$

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क्या किसी ग्रह का कक्षीय वेग उसके द्रव्यमान पर निर्भर करता है?

एक कण $r$ त्रिज्या की वृत्ताकार कक्षा में केंद्रीय आकर्षण बल $F = -\frac{k}{r}$ के अंतर्गत गति करता है,जहाँ $k$ एक स्थिरांक है। इस गति का आवर्तकाल किसके समानुपाती है?

एक भूस्थिर उपग्रह पृथ्वी के चारों ओर $36000\, km$ त्रिज्या की वृत्ताकार कक्षा में परिक्रमा करता है। तो पृथ्वी की सतह से कुछ सौ किलोमीटर ऊपर परिक्रमा करने वाले उपग्रह का आवर्तकाल $(R_{\text{Earth}} = 6400\, km)$ लगभग ....... $hours$ होगा।

पृथ्वी की सतह के निकट एक पृथ्वी उपग्रह का परिक्रमण काल $83$ मिनट है। पृथ्वी की सतह से तीन पृथ्वी त्रिज्याओं की दूरी पर कक्षा में स्थित दूसरे उपग्रह का परिक्रमण काल .......... $\min$ होगा।

एक भूस्थिर उपग्रह पृथ्वी की सतह से $6R$ की ऊँचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा है,जहाँ $R$ पृथ्वी की त्रिज्या है। पृथ्वी की सतह से $2.5R$ की ऊँचाई पर स्थित दूसरे उपग्रह का आवर्तकाल क्या होगा?

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