उपग्रह में तैरते हुए अंतरिक्ष यात्री के चित्र किस तथ्य को दर्शाते हैं?

  • A
    अंतरिक्ष यात्री भारहीनता की स्थिति में है।
  • B
    अंतरिक्ष यात्री उच्च गुरुत्वाकर्षण की स्थिति में है।
  • C
    अंतरिक्ष यात्री शून्य द्रव्यमान की स्थिति में है।
  • D
    अंतरिक्ष यात्री निर्वात की स्थिति में है।

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एक उपग्रह के परिक्रमण काल का मान

$1000 \ kg$ द्रव्यमान के एक उपग्रह को पृथ्वी की सतह से $270 \ km$ की ऊँचाई पर कक्षा में घूमने के लिए प्रक्षेपित किया जाता है। इस कक्षा में उपग्रह की गतिज ऊर्जा . . . . . . $\times 10^{10} \ J$ है। (पृथ्वी का द्रव्यमान $= 6 \times 10^{24} \ kg$,पृथ्वी की त्रिज्या $= 6.4 \times 10^6 \ m$,गुरुत्वाकर्षण नियतांक $= 6.67 \times 10^{-11} \ Nm^2 \ kg^{-2}$)

पृथ्वी की सतह से भूस्थिर उपग्रह की दूरी (त्रिज्या $R_e = 6400 \ km$), $R_e$ के पदों में ....... है। ($R_e$ में)

पृथ्वी के चारों ओर परिक्रमा कर रहे उपग्रह के कक्षीय आवर्तकाल के लिए समीकरण प्राप्त कीजिए।

पृथ्वी की सतह के बहुत करीब एक कृत्रिम उपग्रह की कक्षीय गति $V_o$ है। तो पृथ्वी की त्रिज्या के तीन गुना ऊंचाई पर स्थित दूसरे कृत्रिम उपग्रह की कक्षीय गति क्या होगी ($,V_o$ में)?

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