एक कण $A$ आयाम के साथ $SHM$ निष्पादित करता है। माध्य स्थिति से वह दूरी क्या है जब इसकी गतिज ऊर्जा इसकी स्थितिज ऊर्जा के बराबर हो जाती है?

  • A
    $\sqrt{2} A$
  • B
    $2 A$
  • C
    $\frac{1}{\sqrt{2}} A$
  • D
    $\frac{1}{2} A$

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सरल आवर्त गति करने वाले एक पिंड की गतिज ऊर्जा,$K$ समय $t$ के साथ कैसे बदलती है,इसे ग्राफ में दर्शाया गया है।

एक पिंड $A$ आयाम के साथ रैखिक सरल आवर्त गति करता है। माध्य स्थिति से किस विस्थापन पर पिंड की स्थितिज ऊर्जा उसकी कुल ऊर्जा का एक-चौथाई होगी?

आकृति में दिए गए ग्राफ दर्शाते हैं कि सरल आवर्त गति कर रहे एक निकाय में राशि $y$,विस्थापन $d$ के साथ कैसे बदलती है। जब $y$,निकाय की कुल ऊर्जा हो,तो कौन सा ग्राफ इस संबंध को सबसे अच्छी तरह दर्शाता है?

ग्राफ $S$.$H$.$M$. कर रहे एक कण के विस्थापन का समय के साथ परिवर्तन दर्शाता है। इस ग्राफ से हम यह निष्कर्ष निकालते हैं कि

एक कण $x = 0$ के परितः $x$-अक्ष के अनुदिश $A$ आयाम की सरल आवर्त गति $(SHM)$ कर रहा है। जब इसकी स्थितिज ऊर्जा $(PE)$ गतिज ऊर्जा $(KE)$ के बराबर होती है,तो कण की स्थिति क्या होगी?

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