प्रकाश के एक बिंदु स्रोत का उपयोग प्रकाश-विद्युत प्रभाव में किया जाता है। यदि स्रोत को उत्सर्जक धातु से दूर ले जाया जाता है, तो निरोधी विभव (stopping potential):

  • A
    बढ़ेगा
  • B
    घटेगा
  • C
    स्थिर रहेगा
  • D
    बढ़ेगा या घटेगा

Explore More

Similar Questions

प्रकाश की वह न्यूनतम आवृत्ति जो धातु की सतह (जिसका कार्य फलन $1.65 \ eV$ है) से फोटोइलेक्ट्रॉन के उत्सर्जन का कारण बनेगी,होगी

धातु $A$ और $B$ के कार्य फलन (work function) का अनुपात $1: 2$ है। यदि $f$ और $2f$ आवृत्ति का प्रकाश क्रमशः सतह $A$ और $B$ पर आपतित होता है,तो उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा का अनुपात क्या होगा?

फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा कैसे बदलती है?

एक प्रकाश-संवेदी धात्विक सतह का कार्य फलन $h\nu_0$ है। यदि $2h\nu_0$ ऊर्जा के फोटॉन इस सतह पर गिरते हैं,तो इलेक्ट्रॉन $4 \times 10^6 \, m/s$ के अधिकतम वेग के साथ बाहर आते हैं। जब फोटॉन ऊर्जा को बढ़ाकर $5h\nu_0$ कर दिया जाता है,तो फोटोइलेक्ट्रॉन का अधिकतम वेग क्या होगा?

जब एक प्रकाश-संवेदी धातु की सतह को $\lambda_1$ तरंगदैर्ध्य के विकिरण से प्रकाशित किया जाता है,तो निरोधी विभव (stopping potential) $V_1$ होता है। यदि उसी सतह को $3\lambda_1$ तरंगदैर्ध्य के विकिरण से प्रकाशित किया जाता है,तो निरोधी विभव $\frac{V_1}{6}$ हो जाता है। प्रकाश-संवेदी धातु की सतह के लिए देहली तरंगदैर्ध्य (threshold wavelength) क्या है?

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo