जब एक दूरस्थ तारे से आने वाले प्रकाश की तरंग दैर्ध्य को मापा जाता है,तो यह स्पेक्ट्रम के लाल रंग की ओर स्थानांतरित पाई जाती है। तो इसका क्या निष्कर्ष है?

  • A
    तारा प्रेक्षक के करीब आ रहा है।
  • B
    तारा पृथ्वी से दूर जा रहा है।
  • C
    प्रकाश पर गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव है।
  • D
    तारा स्थिर है।

Explore More

Similar Questions

एक आकाशगंगा को हमारे सापेक्ष किस गति ( $km/s$ में) से चलना चाहिए ताकि $589.0 \;nm$ पर सोडियम रेखा $589.6 \;nm$ पर देखी जा सके?

एक तारा पृथ्वी से $100 \ km/s$ के वेग से दूर जा रहा है। यदि प्रकाश का वेग $3 \times 10^8 \ m/s$ है,तो डॉप्लर प्रभाव के कारण उसकी $5700 \ \mathring{A}$ तरंगदैर्ध्य वाली स्पेक्ट्रमी रेखा में विस्थापन ..... $\mathring{A}$ होगा।

एक आकाशगंगा पृथ्वी से $286 \, km/s$ की गति से दूर जा रही है। $630 \, nm$ पर एक लाल रेखा की तरंगदैर्ध्य में विस्थापन $x \times 10^{-10} \, m$ है। $x$ का मान,निकटतम पूर्णांक में,क्या होगा?........
[प्रकाश की गति $c$ का मान $3 \times 10^{8} \, m/s$ लें]

पृथ्वी से दूर जा रहे एक तारे के प्रकाश की आभासी तरंगदैर्ध्य उसकी वास्तविक तरंगदैर्ध्य से $0.01\%$ अधिक है। तो तारे का वेग......$km/sec$ है।

यदि पृथ्वी की सतह पर देखी गई किसी आकाशगंगा (galaxy) के प्रकाश में रेड शिफ्ट (red shift) है,तो:

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo