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Occurrence and Extraction of Metals Questions in Hindi

Class 10 Science · Metals and Non-metals · Occurrence and Extraction of Metals

94+

Questions

Hindi

Language

100%

With Solutions

Showing 44 of 94 questions in Hindi

51
EasyMCQ
लोहे का अयस्क क्या है?
A
क्युप्राइट
B
मैग्नेटाइट
C
मैलेकाइट
D
बॉक्साइट

Solution

(B) लोहे के अयस्क वे खनिज हैं जिनसे लोहे को लाभकारी रूप से निकाला जा सकता है। सामान्य लोहे के अयस्कों में हेमेटाइट $(Fe_2O_3)$ और मैग्नेटाइट $(Fe_3O_4)$ शामिल हैं।
- $A$: क्युप्राइट तांबे का अयस्क है $(Cu_2O)$।
- $B$: मैग्नेटाइट लोहे का अयस्क है $(Fe_3O_4)$।
- $C$: मैलेकाइट तांबे का अयस्क है $(Cu_2CO_3(OH)_2)$।
- $D$: बॉक्साइट एल्युमिनियम का अयस्क है $(Al_2O_3 \cdot 2H_2O)$।
अतः, सही विकल्प $B$ है।
52
EasyMCQ
अयस्क से धातु को अलग कर उसे शुद्ध रूप में प्राप्त करने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
A
निस्तापन (Calcination)
B
प्रगलन (Smelting)
C
धातु कर्म (Metallurgy)
D
भर्जन (Roasting)

Solution

(C) अयस्क से धातु को अलग कर उसे शुद्ध रूप में प्राप्त करने की प्रक्रिया को $Metallurgy$ (धातु कर्म) कहा जाता है।
$Calcination$ (निस्तापन) और $Roasting$ (भर्जन) अयस्क से धातु निष्कर्षण के दौरान उपयोग की जाने वाली विशिष्ट रासायनिक प्रक्रियाएं हैं,जबकि $Smelting$ (प्रगलन) अयस्क से धातु प्राप्त करने के लिए उपयोग की जाने वाली निष्कर्षण धातु विज्ञान का एक रूप है। $Metallurgy$ एक व्यापक शब्द है जिसमें ये सभी प्रक्रियाएं शामिल हैं।
53
EasyMCQ
सल्फाइड अयस्क का सांद्रण किस विधि द्वारा किया जाता है?
A
बेयर प्रक्रम
B
चुंबकीय पृथक्करण
C
फेन प्लवन विधि
D
द्रवीकरण

Solution

(C) सल्फाइड अयस्कों का सांद्रण आमतौर पर $Froth$ $Floatation$ (फेन प्लवन) विधि द्वारा किया जाता है।
इस प्रक्रिया में,बारीक पिसे हुए अयस्क को पानी और चीड़ के तेल (pine oil) के साथ एक टैंक में मिलाया जाता है।
मिश्रण के माध्यम से संपीड़ित हवा प्रवाहित की जाती है,जिससे झाग (फेन) बनता है।
चूंकि सल्फाइड अयस्क तेल से आसानी से भीग जाते हैं,इसलिए वे झाग से चिपक कर सतह पर आ जाते हैं,जबकि गैंग (अशुद्धियां) पानी से भीगकर नीचे बैठ जाते हैं।
अंत में,सांद्रित अयस्क युक्त झाग को अलग कर लिया जाता है।
54
EasyMCQ
किस अयस्क का सांद्रण फेन प्लवन विधि द्वारा किया जाता है?
A
हेमेटाइट
B
कॉपर पाइराइट्स
C
क्यूप्राइट
D
सिडेराइट

Solution

(B) फेन प्लवन विधि का उपयोग मुख्य रूप से सल्फाइड अयस्कों के सांद्रण के लिए किया जाता है।
कॉपर पाइराइट्स $(CuFeS_2)$ कॉपर का एक सल्फाइड अयस्क है।
हेमेटाइट $(Fe_2O_3)$ एक ऑक्साइड अयस्क है,क्यूप्राइट $(Cu_2O)$ एक ऑक्साइड अयस्क है,और सिडेराइट $(FeCO_3)$ एक कार्बोनेट अयस्क है।
इसलिए,कॉपर पाइराइट्स सही उत्तर है क्योंकि यह एक सल्फाइड अयस्क है।
55
EasyMCQ
कार्बोनेट अयस्कों को हवा की अनुपस्थिति में गर्म करके उनके ऑक्साइड में बदलने की प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
A
भर्जन
B
निस्तापन
C
प्रगलन
D
निष्कर्षण

Solution

(B) कार्बोनेट अयस्कों को हवा की अनुपस्थिति में या सीमित वायु आपूर्ति में गर्म करके उन्हें उनके संबंधित धातु ऑक्साइड में बदलने की प्रक्रिया को $Calcination$ (निस्तापन) कहा जाता है।
उदाहरण के लिए, $ZnCO_3 \xrightarrow{\Delta} ZnO + CO_2$।
इसके विपरीत, $Roasting$ (भर्जन) में सल्फाइड अयस्कों को हवा की अधिकता में गर्म किया जाता है।
56
EasyMCQ
सल्फाइड अयस्कों को हवा की उपस्थिति में गर्म करके ऑक्साइड में बदलने के लिए किस प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है?
A
निस्तापन (Calcination)
B
भर्जन (Roasting)
C
प्रगलन (Smelting)
D
अपचयन (Reduction)

Solution

(B) सल्फाइड अयस्कों को हवा की अधिकता में मजबूती से गर्म करने की प्रक्रिया को $Roasting$ (भर्जन) कहा जाता है।
इस प्रक्रिया में, धातु सल्फाइड ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके धातु ऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड गैस बनाती है।
उदाहरण के लिए: $2ZnS + 3O_2 \rightarrow 2ZnO + 2SO_2$।
$Calcination$ (निस्तापन) का उपयोग सीमित हवा में कार्बोनेट अयस्कों के लिए किया जाता है, जबकि $Roasting$ विशेष रूप से सल्फाइड अयस्कों के लिए उपयोग किया जाता है।
57
EasyMCQ
निम्नलिखित में से कौन सी विधि अयस्क के सांद्रण के लिए उपयोग की जाती है?
A
सेंट्रीफ्यूजेशन (अपकेंद्रण)
B
कैल्सीनेशन (निस्तापन)
C
भर्जन (रोस्टिंग)
D
रासायनिक अपचयन

Solution

(A) अयस्क से गैंग (अशुद्धियाँ जैसे रेत,मिट्टी आदि) को हटाने की प्रक्रिया को अयस्क का सांद्रण कहा जाता है।
सांद्रण के लिए सामान्य विधियों में हाइड्रोलिक वाशिंग,चुंबकीय पृथक्करण,फेन प्लवन विधि और लीचिंग शामिल हैं।
$A$. सेंट्रीफ्यूजेशन घनत्व के आधार पर पृथक्करण के लिए उपयोग की जाने वाली एक भौतिक विधि है,जिसका उपयोग अक्सर अयस्कों के सांद्रण में किया जाता है।
$B$. कैल्सीनेशन हवा की अनुपस्थिति में अयस्क को गर्म करने की प्रक्रिया है ताकि वाष्पशील अशुद्धियों और नमी को हटाया जा सके।
$C$. भर्जन सल्फाइड अयस्कों को अतिरिक्त हवा की उपस्थिति में गर्म करने की प्रक्रिया है।
$D$. रासायनिक अपचयन का उपयोग सांद्रित अयस्क से धातु निकालने के लिए किया जाता है।
इसलिए,सेंट्रीफ्यूजेशन अयस्क के सांद्रण के लिए उपयोग की जाने वाली एक विधि है।
58
EasyMCQ
निम्नलिखित में से कौन सी विधि अयस्क के सांद्रण के लिए उपयोग नहीं की जाती है?
A
फेन प्लवन
B
चुंबकीय पृथक्करण
C
अपकेंद्रण (Centrifugation)
D
निस्तापन (Calcination)

Solution

(D) अयस्क से गैंग (अशुद्धियों) को हटाने की प्रक्रिया को अयस्क का सांद्रण कहा जाता है।
सांद्रण के लिए सामान्य विधियों में फेन प्लवन,चुंबकीय पृथक्करण और अपकेंद्रण शामिल हैं।
निस्तापन (Calcination) धातु निष्कर्षण की एक प्रक्रिया है,जिसमें अयस्क को वायु की अनुपस्थिति में उच्च ताप पर गर्म करके कार्बोनेट को ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता है।
अतः,निस्तापन धातु के शोधन/निष्कर्षण के लिए उपयोग की जाने वाली प्रक्रिया है,न कि अयस्क के सांद्रण के लिए।
59
EasyMCQ
फेन प्लवन विधि (froth flotation process) में,कौन से कण तारपीन (turpentine) द्वारा भीगकर फेन के साथ तरल मिश्रण की सतह पर आ जाते हैं?
A
ऑक्साइड के कण
B
मिट्टी के कण
C
रेत के कण
D
सल्फाइड के कण

Solution

(D) फेन प्लवन विधि का उपयोग मुख्य रूप से सल्फाइड अयस्कों के सांद्रण के लिए किया जाता है।
इस प्रक्रिया में,अयस्क को बारीक पीसकर पानी के साथ मिलाया जाता है।
इसमें चीड़ का तेल (pine oil) या तारपीन जैसे पदार्थ मिलाए जाते हैं,जो सल्फाइड अयस्क के कणों को जल-विकर्षी (hydrophobic) बना देते हैं।
ये सल्फाइड कण तेल से भीग जाते हैं और फेन के साथ सतह पर आ जाते हैं,जबकि गैंग (जैसे रेत या मिट्टी) के कण पानी से भीगकर नीचे बैठ जाते हैं।
60
EasyMCQ
जब अयस्क के बारीक चूर्ण को एक घूमती हुई खांचेदार मेज पर रखकर तेजी से घुमाया जाता है,तो हल्की अशुद्धियाँ दूर हो जाती हैं। सांद्रण की इस विधि को क्या कहते हैं?
A
चुंबकीय पृथक्करण
B
विल्फली टेबल विधि (गुरुत्वीय पृथक्करण)
C
निस्तापन (कैल्सीनेशन)
D
फेन प्लवन

Solution

(B) वर्णित विधि में अयस्क के बारीक चूर्ण को एक घूमती हुई खांचेदार मेज पर रखा जाता है।
जैसे-जैसे मेज घूमती है,भारी अयस्क के कण खांचों में जमा हो जाते हैं,जबकि हल्की अशुद्धियाँ (गैंग) पानी की धारा के साथ बह जाती हैं।
इस प्रक्रिया को गुरुत्वीय पृथक्करण या विल्फली टेबल विधि के रूप में जाना जाता है,जो अयस्क और अशुद्धियों के बीच घनत्व के अंतर पर आधारित है।
अतः,सही विकल्प $B$ है।
61
EasyMCQ
चुंबकीय पृथक्करण विधि द्वारा किस धातु के अयस्क का सांद्रण किया जा सकता है?
A
आयरन (लोहा)
B
कॉपर (तांबा)
C
कैल्शियम
D
सिल्वर (चांदी)

Solution

(A) चुंबकीय पृथक्करण विधि का उपयोग उन अयस्कों के सांद्रण के लिए किया जाता है जिनमें या तो अयस्क या अशुद्धियाँ (गैंग) चुंबकीय प्रकृति की होती हैं।
आयरन के अयस्क,जैसे मैग्नेटाइट $(Fe_3O_4)$ या हेमेटाइट $(Fe_2O_3)$,चुंबकीय होते हैं।
इस प्रक्रिया में,चूर्णित अयस्क को चुंबकीय रोलर्स पर चलने वाले कन्वेयर बेल्ट के ऊपर से गुजारा जाता है।
चुंबकीय अयस्क के कण चुंबकीय रोलर की ओर आकर्षित होते हैं और उसके पास गिरते हैं,जबकि गैर-चुंबकीय अशुद्धियाँ दूर गिरती हैं,जिससे प्रभावी पृथक्करण संभव होता है।
इसलिए,आयरन के अयस्क का सांद्रण इस विधि द्वारा किया जाता है।
62
EasyMCQ
भर्जन (Roasting) प्रक्रिया के दौरान सांद्रित अयस्क में क्या परिवर्तन होता है?
A
सल्फाइड ऑक्साइड में परिवर्तित हो जाता है।
B
ऑक्साइड सल्फाइड में परिवर्तित हो जाता है।
C
कार्बोनेट ऑक्साइड में परिवर्तित हो जाता है।
D
हाइड्रॉक्साइड ऑक्साइड में परिवर्तित हो जाता है।

Solution

(A) भर्जन सल्फाइड अयस्कों के लिए उपयोग की जाने वाली एक धातु कर्म प्रक्रिया है।
इस प्रक्रिया में, सांद्रित सल्फाइड अयस्क को वायु की अधिकता में उच्च ताप पर गर्म किया जाता है।
परिणामस्वरूप, सल्फाइड अयस्क अपने संबंधित धातु ऑक्साइड में परिवर्तित हो जाता है और सल्फर डाइऑक्साइड गैस निकलती है।
उदाहरण के लिए: $2ZnS + 3O_2 \rightarrow 2ZnO + 2SO_2$.
63
EasyMCQ
क्रोमियम और मैंगनीज जैसी धातुओं के ऑक्साइड का रासायनिक अपचयन (reduction) करके धातु प्राप्त करने के लिए किस पदार्थ का उपयोग किया जाता है?
A
कार्बन
B
कार्बन मोनोऑक्साइड
C
एल्युमीनियम
D
जिंक

Solution

(C) एल्युमीनियम का अपचायक (reducing agent) के रूप में उपयोग करके धातु के ऑक्साइड से धातु प्राप्त करने की प्रक्रिया को थर्मिट अभिक्रिया या एल्युमिनोथर्मिक प्रक्रिया कहा जाता है।
इस प्रक्रिया में, एल्युमीनियम जैसी अधिक सक्रिय धातुओं का उपयोग क्रोमियम $(Cr_2O_3)$ और मैंगनीज $(MnO_2)$ जैसी कम सक्रिय धातुओं के ऑक्साइड को अपचयित करने के लिए किया जाता है।
यह अभिक्रिया अत्यधिक ऊष्माक्षेपी (exothermic) होती है, जिसमें बड़ी मात्रा में ऊष्मा निकलती है, जो उत्पन्न धातु को पिघला देती है।
उदाहरण के लिए: $Cr_2O_3 + 2Al \rightarrow 2Cr + Al_2O_3 + \text{ऊष्मा}$।
64
EasyMCQ
एल्यूमिना का अपचयन करके एल्यूमीनियम धातु किस विधि द्वारा प्राप्त की जाती है?
A
कार्बन द्वारा अपचयन
B
कार्बन मोनोऑक्साइड द्वारा अपचयन
C
रासायनिक अपचयन
D
विद्युत-अपघटनी अपचयन

Solution

(D) एल्यूमीनियम एक अत्यधिक सक्रिय धातु है और इसका ऑक्साइड,एल्यूमिना $(Al_2O_3)$,बहुत स्थिर होता है।
इसे कार्बन या कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे सामान्य अपचायकों द्वारा अपचयित नहीं किया जा सकता है क्योंकि कार्बन की तुलना में एल्यूमीनियम की ऑक्सीजन के प्रति आकर्षण शक्ति बहुत अधिक होती है।
इसलिए,एल्यूमीनियम को एल्यूमिना से विद्युत-अपघटनी अपचयन (क्रायोलाइट में घुले हुए पिघले हुए एल्यूमिना का विद्युत-अपघटन) की प्रक्रिया द्वारा प्राप्त किया जाता है।
65
EasyMCQ
किस धातु के ऑक्साइड का अपचयन कार्बन द्वारा नहीं किया जा सकता है?
A
एल्युमीनियम
B
आयरन
C
जिंक
D
लेड

Solution

(A) सक्रियता श्रेणी में ऊपर स्थित धातुएं जैसे $Al$,$Mg$,$Ca$,$Na$ और $K$ की ऑक्सीजन के प्रति आकर्षण शक्ति कार्बन से अधिक होती है।
इसलिए,उनके ऑक्साइड का अपचयन कार्बन द्वारा नहीं किया जा सकता है।
दिए गए विकल्पों में से,$Al$ (एल्युमीनियम) सबसे अधिक सक्रिय धातु है और इसके ऑक्साइड $(Al_2O_3)$ का अपचयन कार्बन द्वारा नहीं किया जा सकता।
जबकि $Fe$,$Zn$ और $Pb$ जैसी अन्य धातुएं कम सक्रिय होती हैं और उनके ऑक्साइड का अपचयन कार्बन द्वारा किया जा सकता है।
66
EasyMCQ
कॉपर धातु के शोधन के लिए किस विधि का उपयोग किया जाता है?
A
द्रवगलन (Liquation)
B
मंडल परिष्करण (Zone refining)
C
विद्युत अपघटनी शोधन (Electrolytic refining)
D
फेन प्लवन (Froth floatation)

Solution

(C) कॉपर धातु के शोधन के लिए सबसे सामान्य और प्रभावी विधि $\text{विद्युत}$ $\text{अपघटनी}$ $\text{शोधन}$ ($Electrolytic$ $refining$) है।
इस प्रक्रिया में, अशुद्ध कॉपर ब्लॉक को एनोड के रूप में और शुद्ध कॉपर की एक पतली पट्टी को कैथोड के रूप में उपयोग किया जाता है।
कॉपर सल्फेट $(CuSO_4)$ के जलीय घोल में तनु सल्फ्यूरिक एसिड $(H_2SO_4)$ मिलाकर इसे विद्युत अपघट्य के रूप में उपयोग किया जाता है।
जब घोल से विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो एनोड से शुद्ध कॉपर विद्युत अपघट्य में घुल जाता है और कैथोड पर जमा हो जाता है, जबकि अशुद्धियाँ एनोड के नीचे 'एनोड पंक' ($anode$ $mud$) के रूप में जमा हो जाती हैं।
67
EasyMCQ
निम्नलिखित में से कौन सी विधि धातुओं के शोधन (refining) की विधि नहीं है?
A
द्रवण (Liquation)
B
विद्युत अपघटनी शोधन (Electrolytic refining)
C
मंडल परिष्करण (Zone refining)
D
निस्तापन (Calcination)

Solution

(D) शोधन अशुद्ध धातु को शुद्ध करने की प्रक्रिया है। धातुओं के शोधन की सामान्य विधियों में द्रवण,विद्युत अपघटनी शोधन और मंडल परिष्करण शामिल हैं।
निस्तापन (Calcination) धातु निष्कर्षण के दौरान उपयोग की जाने वाली एक प्रक्रिया है,जिसका उपयोग कार्बोनेट अयस्कों को सीमित वायु की आपूर्ति में गर्म करके ऑक्साइड में बदलने के लिए किया जाता है। यह धातु निष्कर्षण का एक चरण है,न कि शोधन की विधि।
68
EasyMCQ
तांबा (कॉपर) धातु के विद्युत अपघटनी शोधन में कैथोड के रूप में किसका उपयोग किया जाता है?
A
अशुद्ध तांबे की छड़
B
शुद्ध तांबे की छड़
C
ग्रेफाइट की छड़
D
प्लेटिनम की छड़

Solution

(B) तांबे के विद्युत अपघटनी शोधन में,विद्युत अपघट्य के रूप में सल्फ्यूरिक अम्ल युक्त कॉपर सल्फेट $(CuSO_4)$ के जलीय विलयन का उपयोग किया जाता है।
अशुद्ध तांबे के ब्लॉक को एनोड के रूप में और शुद्ध तांबे की एक पतली पट्टी को कैथोड के रूप में उपयोग किया जाता है।
जब विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है,तो एनोड से शुद्ध तांबा विलयन में घुल जाता है और उतनी ही मात्रा में शुद्ध तांबा विद्युत अपघट्य से कैथोड पर जमा हो जाता है।
इसलिए,कैथोड के रूप में शुद्ध तांबे की छड़ का उपयोग किया जाता है।
69
EasyMCQ
विद्युत अपघटन द्वारा तांबे के शोधन के दौरान,तांबा $....$ पर जमा होता है।
A
कैथोड
B
विद्युत अपघट्य विलयन
C
एनोड
D
एनोड के नीचे

Solution

(A) तांबे के विद्युत अपघटनी शोधन में,अशुद्ध तांबे की छड़ को एनोड के रूप में और शुद्ध तांबे की एक पतली पट्टी को कैथोड के रूप में उपयोग किया जाता है।
जब विद्युत अपघट्य (अम्लीकृत कॉपर सल्फेट विलयन) से विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है,तो विलयन से कॉपर आयन $(Cu^{2+})$ कैथोड की ओर गति करते हैं।
कैथोड पर,ये $Cu^{2+}$ आयन दो इलेक्ट्रॉन प्राप्त करते हैं और अपचयित होकर शुद्ध तांबा बनाते हैं,जो कैथोड पर जमा हो जाता है।
इसलिए,शुद्ध तांबा कैथोड पर जमा होता है।
70
EasyMCQ
कॉपर धातु के विद्युत अपघटनी शोधन में,निम्नलिखित में से किसका वजन कम हो जाता है?
A
कैथोड
B
कॉपर सल्फेट का विलयन
C
एनोड
D
विद्युत रासायनिक सेल

Solution

(C) कॉपर के विद्युत अपघटनी शोधन में,अशुद्ध कॉपर की छड़ को एनोड के रूप में और शुद्ध कॉपर की एक पतली पट्टी को कैथोड के रूप में उपयोग किया जाता है।
जब विद्युत अपघट्य (अम्लीकृत कॉपर सल्फेट विलयन) से विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है,तो एनोड से अशुद्ध कॉपर $Cu^{2+}$ आयनों के रूप में विलयन में घुल जाता है।
ये $Cu^{2+}$ आयन फिर कैथोड की ओर बढ़ते हैं,जहाँ वे इलेक्ट्रॉन प्राप्त करते हैं और शुद्ध कॉपर धातु के रूप में जमा हो जाते हैं।
जैसे-जैसे अशुद्ध कॉपर एनोड लगातार कॉपर परमाणुओं को विलयन में छोड़ता है,समय के साथ इसका वजन कम होता जाता है।
इसके विपरीत,शुद्ध कॉपर कैथोड पर अधिक कॉपर जमा होने के कारण उसका वजन बढ़ जाता है।
71
EasyMCQ
किस धातु का शोधन द्रवण (Liquation) विधि द्वारा किया जाता है?
A
एल्युमीनियम
B
कॉपर
C
टिन
D
लोहा

Solution

(C) द्रवण (Liquation) धातु शोधन की एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका उपयोग उन धातुओं के शोधन के लिए किया जाता है जिनका गलनांक उनकी अशुद्धियों की तुलना में कम होता है।
इस प्रक्रिया में,अशुद्ध धातु को भट्टी के ढलान वाले तल (sloping hearth) पर रखकर गर्म किया जाता है।
धातु पिघलकर ढलान से नीचे बह जाती है,जबकि न पिघलने वाली अशुद्धियाँ पीछे रह जाती हैं।
टिन $(Sn)$ इस विधि द्वारा शोधित की जाने वाली धातु का एक उत्कृष्ट उदाहरण है,क्योंकि इसमें मौजूद अशुद्धियों की तुलना में इसका गलनांक $(231.9 \ ^\circ C)$ अपेक्षाकृत काफी कम होता है।
72
EasyMCQ
कम गलनांक वाली धातुओं के शोधन के लिए किस विधि का उपयोग किया जाता है?
A
विद्युत अपघटन
B
द्रवण (Liquation)
C
भर्जन
D
अपचयन

Solution

(B) द्रवण (Liquation) एक धातुकर्म प्रक्रिया है जिसका उपयोग कम गलनांक वाली धातुओं जैसे टिन $(Sn)$,सीसा $(Pb)$ और बिस्मथ $(Bi)$ के शोधन के लिए किया जाता है।
इस प्रक्रिया में,अशुद्ध धातु को भट्टी के ढलान वाले तल पर रखा जाता है और धीरे-धीरे गर्म किया जाता है।
धातु पिघलकर ढलान से नीचे बह जाती है,जबकि न पिघलने वाली अशुद्धियाँ भट्टी के तल पर ही रह जाती हैं।
अतः,सही विकल्प $B$ है।
73
EasyMCQ
प्रभाजी आसवन (Fractional distillation) की विधि किस सिद्धांत पर कार्य करती है?
A
प्रभाजी आसवन
B
प्रभाजी क्रिस्टलीकरण
C
निस्तापन (Calcination)
D
प्रभाजी पृथक्करण

Solution

(A) प्रभाजी आसवन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका उपयोग मिश्रण को उसके घटकों या अंशों में अलग करने के लिए किया जाता है।
यह मिश्रण में मौजूद घटकों के क्वथनांक (boiling points) में अंतर के सिद्धांत पर कार्य करती है।
जब मिश्रण को गर्म किया जाता है,तो कम क्वथनांक वाला घटक पहले वाष्पित हो जाता है,उसके बाद उच्च क्वथनांक वाला घटक वाष्पित होता है।
इस विधि का उपयोग आमतौर पर कच्चे तेल के घटकों को अलग करने या हवा से गैसों को अलग करने के लिए किया जाता है।
74
EasyMCQ
धातुओं के विद्युत अपघटनी परिष्करण में, अशुद्ध धातु में मौजूद अघुलनशील अशुद्धियाँ एनोड के नीचे पात्र के तल पर जमा हो जाती हैं, इसे क्या कहते हैं?
A
स्लैग
B
एनोड पंक (Anode mud)
C
अमलगम
D
इनेमल

Solution

(B) विद्युत अपघटनी परिष्करण की प्रक्रिया में, अशुद्ध धातु की छड़ को एनोड के रूप में और शुद्ध धातु की पतली पट्टी को कैथोड के रूप में उपयोग किया जाता है।
जब विद्युत अपघट्य के माध्यम से विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो एनोड से शुद्ध धातु विद्युत अपघट्य में घुल जाती है और उतनी ही मात्रा में शुद्ध धातु विद्युत अपघट्य से कैथोड पर जमा हो जाती है।
अशुद्ध धातु में मौजूद अघुलनशील अशुद्धियाँ, जो विद्युत अपघट्य में नहीं घुलती हैं, एनोड के नीचे पात्र के तल पर जमा हो जाती हैं।
अघुलनशील अशुद्धियों के इस संग्रह को $Anode \text{ } mud$ (एनोड पंक) कहा जाता है।
75
EasyMCQ
अर्धचालक धातुओं के शुद्धिकरण के लिए किस विधि का उपयोग किया जाता है?
A
विद्युत अपघटन
B
द्रवण (Liquation)
C
मंडल परिष्करण (Zone refining)
D
बेयर की विधि

Solution

(C) मंडल परिष्करण (Zone refining) का उपयोग $Si$,$Ge$ और $Ga$ जैसी अर्धचालक धातुओं को शुद्ध करने के लिए किया जाता है।
यह प्रक्रिया इस सिद्धांत पर आधारित है कि अशुद्धियाँ धातु की ठोस अवस्था की तुलना में पिघली हुई अवस्था में अधिक घुलनशील होती हैं।
अशुद्ध धातु की छड़ के एक सिरे पर एक गोलाकार मोबाइल हीटर लगाया जाता है।
जैसे-जैसे हीटर आगे बढ़ता है,शुद्ध धातु पिघले हुए भाग से क्रिस्टलीकृत हो जाती है और अशुद्धियाँ आसन्न पिघले हुए क्षेत्र में चली जाती हैं।
इस प्रक्रिया को कई बार दोहराया जाता है जब तक कि अशुद्धियाँ एक सिरे पर केंद्रित न हो जाएं,जिसे बाद में काट दिया जाता है।
76
EasyMCQ
बॉक्साइट से शुद्ध एल्यूमिना प्राप्त करने के लिए किस विधि/प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है?
A
बेयर की विधि
B
विद्युत अपघटन विधि
C
हॉल-हेराल्ट विधि
D
फेन प्लवन विधि

Solution

(A) बॉक्साइट अयस्क से शुद्ध एल्यूमिना $(Al_2O_3)$ निकालने की प्रक्रिया को बेयर की प्रक्रिया (Bayer's process) कहा जाता है।
इस प्रक्रिया में,बॉक्साइट को उच्च दबाव और तापमान पर सोडियम हाइड्रोक्साइड $(NaOH)$ के सांद्र घोल के साथ उपचारित किया जाता है।
यह एल्यूमिना को घोलकर सोडियम एल्यूमिनेट बनाता है,जबकि सिलिका,आयरन ऑक्साइड और टाइटेनियम ऑक्साइड जैसी अशुद्धियाँ अघुलनशील अवशेषों (रेड मड) के रूप में रह जाती हैं।
इसके बाद घोल को छान लिया जाता है और शुद्ध एल्यूमिना को अवक्षेपित कर लिया जाता है।
77
EasyMCQ
बेयर प्रक्रिया में सोडियम हाइड्रोक्साइड के घोल की सांद्रता कितने प्रतिशत होती है ($\%$ में)?
A
$40$
B
$42$
C
$45$
D
$54$

Solution

(C) बेयर प्रक्रिया बॉक्साइट से एल्यूमिना $(Al_2O_3)$ प्राप्त करने की मुख्य औद्योगिक विधि है।
इस प्रक्रिया में,बॉक्साइट अयस्क को सोडियम हाइड्रोक्साइड $(NaOH)$ के गर्म सांद्र घोल के साथ उपचारित किया जाता है।
उपयोग किए जाने वाले सोडियम हाइड्रोक्साइड घोल की सांद्रता आमतौर पर वजन के अनुसार लगभग $45\%$ होती है।
यह उपचार एल्यूमीनियम युक्त खनिजों को घोलकर सोडियम एल्यूमिनेट बनाता है,जबकि आयरन ऑक्साइड जैसी अशुद्धियाँ ठोस अवशेष (रेड मड) के रूप में रह जाती हैं।
78
EasyMCQ
बेयर विधि में बॉक्साइट में सांद्र $NaOH$ मिलाने पर क्या प्राप्त होता है?
A
क्रायोलाइट
B
सोडियम एल्युमिनेट
C
एल्युमिना
D
एल्युमिनियम

Solution

(B) बेयर विधि बॉक्साइट से एल्युमिना $(Al_2O_3)$ प्राप्त करने की मुख्य औद्योगिक विधि है।
इस प्रक्रिया में,बारीक पिसे हुए बॉक्साइट अयस्क को दबाव के तहत $NaOH$ के गर्म सांद्र घोल के साथ उपचारित किया जाता है।
बॉक्साइट में मौजूद $Al_2O_3$,$NaOH$ के साथ अभिक्रिया करके घुलनशील सोडियम एल्युमिनेट ($NaAlO_2$ या $Na[Al(OH)_4]$) बनाता है।
रासायनिक अभिक्रिया इस प्रकार है: $Al_2O_3(s) + 2NaOH(aq) + 3H_2O(l) \rightarrow 2Na[Al(OH)_4](aq)$.
79
EasyMCQ
बेयर विधि द्वारा प्राप्त एल्यूमिना में लगभग $.......\, \%$ अशुद्धि शेष रहती है। ($\%$ में)
A
$0.5$
B
$1$
C
$5$
D
$10$

Solution

(A) बेयर प्रक्रिया का उपयोग बॉक्साइट अयस्क से शुद्ध एल्यूमिना $(Al_2O_3)$ प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
इस प्रक्रिया में,बॉक्साइट अयस्क को उच्च तापमान और दबाव पर सोडियम हाइड्रोक्साइड $(NaOH)$ के सांद्र घोल के साथ उपचारित किया जाता है।
प्रक्रिया के दौरान सिलिका,आयरन ऑक्साइड और टाइटेनियम ऑक्साइड जैसी अशुद्धियाँ दूर हो जाती हैं।
कैल्सीनेशन के बाद प्राप्त अंतिम एल्यूमिना अत्यधिक शुद्ध होता है,जिसमें आमतौर पर लगभग $99.5\%$ शुद्ध $Al_2O_3$ होता है।
अतः,एल्यूमिना में शेष अशुद्धि लगभग $100\% - 99.5\% = 0.5\%$ है।
80
EasyMCQ
शुद्ध एल्युमिना से एल्युमिनियम प्राप्त करने के लिए किस विधि/प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है?
A
बेयर की विधि
B
हॉल-हेरोल्ट विधि
C
फेन-प्लवन विधि
D
हेबर की प्रक्रिया

Solution

(B) शुद्ध एल्युमिना $(Al_2O_3)$ से एल्युमिनियम का निष्कर्षण हॉल-हेरोल्ट प्रक्रिया नामक विद्युत अपघटनी अपचयन विधि द्वारा किया जाता है।
इस प्रक्रिया में,शुद्ध एल्युमिना को पिघले हुए क्रायोलाइट $(Na_3AlF_6)$ में घोला जाता है,जो मिश्रण के गलनांक को कम करता है और इसकी विद्युत चालकता को बढ़ाता है।
इसके बाद कार्बन की परत वाली स्टील की टंकी में विद्युत अपघटन किया जाता है,जहाँ कैथोड पर एल्युमिनियम जमा हो जाता है।
81
EasyMCQ
क्रायोलाइट का आणविक सूत्र क्या है?
A
$Na_{2}AlF_{4}$
B
$NaAlO_{2}$
C
$CaSiO_{3}$
D
$Na_{3}AlF_{6}$

Solution

(D) क्रायोलाइट $Na_{3}AlF_{6}$ रासायनिक संरचना वाला एक दुर्लभ खनिज है।
इसे रासायनिक रूप से सोडियम हेक्साफ्लोरोएल्युमिनेट के रूप में जाना जाता है।
इसका मुख्य उपयोग एल्युमिना $(Al_{2}O_{3})$ से एल्युमिनियम निकालने की विद्युत अपघटन प्रक्रिया में किया जाता है,ताकि मिश्रण के गलनांक को कम किया जा सके और इसकी विद्युत चालकता को बढ़ाया जा सके।
82
EasyMCQ
$Hall-Heroult$ प्रक्रम में एल्युमिना का गलनांक कम करने के लिए इसमें कौन से पदार्थ मिलाए जाते हैं?
A
क्रायोलाइट और कोक
B
क्रायोलाइट और फ्लोस्पार
C
चूना पत्थर और रेत
D
चूना पत्थर और कोक

Solution

(B) $Hall-Heroult$ प्रक्रम में,शुद्ध एल्युमिना $(Al_2O_3)$ का गलनांक बहुत अधिक होता है और यह विद्युत का कुचालक होता है।
इन समस्याओं को दूर करने के लिए,एल्युमिना में क्रायोलाइट $(Na_3AlF_6)$ और फ्लोस्पार $(CaF_2)$ मिलाया जाता है।
ये पदार्थ मिश्रण के गलनांक को घटाकर लगभग $1240 \ K$ कर देते हैं और इसकी विद्युत चालकता को बढ़ाते हैं,जिससे एल्युमिनियम का विद्युत-अपघटनी अपचयन आसान हो जाता है।
83
EasyMCQ
पृथ्वी पर सबसे अधिक मात्रा में पाई जाने वाली धातुओं में से कौन सी धातु दूसरे स्थान पर है?
A
एल्युमीनियम
B
सोना
C
लोहा
D
कॉपर

Solution

(C) पृथ्वी की पपड़ी (crust) में सबसे प्रचुर मात्रा में पाई जाने वाली धातु $Aluminium$ $(Al)$ है,जो वजन के अनुसार पपड़ी का लगभग $8.1\%$ है।
पृथ्वी की पपड़ी में दूसरी सबसे प्रचुर मात्रा में पाई जाने वाली धातु $Iron$ $(Fe)$ है,जो वजन के अनुसार पपड़ी का लगभग $5.0\%$ है।
अतः,$Iron$ (लोहा) पृथ्वी पर पाई जाने वाली दूसरी सबसे प्रचुर धातु है।
84
EasyMCQ
लोहे के अयस्क से लोहा धातु निकालने के लिए किस भट्टी का उपयोग किया जाता है?
A
वात्या भट्टी (Blast furnace)
B
सौर भट्टी
C
किलन भट्टी
D
रोटरी भट्टी

Solution

(A) लोहे के अयस्क (मुख्य रूप से हेमेटाइट, $Fe_2O_3$) से लोहा निकालने के लिए वात्या भट्टी $(Blast$ furnace$)$ का उपयोग किया जाता है।
इस प्रक्रिया में, लोहे के अयस्क, कोक और चूना पत्थर को भट्टी के ऊपरी हिस्से में डाला जाता है, जबकि निचले हिस्से से गर्म हवा प्रवाहित की जाती है।
कोक ईंधन और अपचायक (reducing agent) के रूप में कार्य करता है, जो लोहे के ऑक्साइड को पिघले हुए लोहे में परिवर्तित कर देता है।
85
EasyMCQ
वात्या भट्टी (blast furnace) में लोहे के किस अयस्क का अपचयन करके लोहा धातु प्राप्त की जाती है?
A
मैग्नेटाइट
B
हेमेटाइट
C
सिडेराइट
D
आयरन पाइराइट्स

Solution

(B) वात्या भट्टी में लोहे के निष्कर्षण के लिए मुख्य रूप से $\text{हेमेटाइट}$ $(Fe_2O_3)$ अयस्क का उपयोग किया जाता है।
इस प्रक्रिया के दौरान, उच्च तापमान पर कार्बन मोनोऑक्साइड $(CO)$ द्वारा अयस्क का अपचयन किया जाता है, जिससे पिघला हुआ लोहा प्राप्त होता है।
रासायनिक अभिक्रिया इस प्रकार है: $Fe_2O_3 + 3CO \rightarrow 2Fe + 3CO_2$.
86
EasyMCQ
वात्या भट्टी में हेमेटाइट से लोहे के निष्कर्षण के दौरान स्लैग (धातुमल) के रूप में कौन सा पदार्थ प्राप्त होता है?
A
कैल्शियम सिलिकेट
B
सोडियम सिलिकेट
C
सोडियम एल्युमिनेट
D
क्रायोलाइट

Solution

(A) वात्या भट्टी में,फ्लक्स के रूप में चूना पत्थर $(CaCO_3)$ मिलाया जाता है। यह विघटित होकर कैल्शियम ऑक्साइड $(CaO)$ बनाता है।
$CaCO_3 \rightarrow CaO + CO_2$
यह कैल्शियम ऑक्साइड $(CaO)$ अयस्क में मौजूद अशुद्धि सिलिका $(SiO_2)$ के साथ अभिक्रिया करके पिघला हुआ कैल्शियम सिलिकेट $(CaSiO_3)$ बनाता है,जिसे स्लैग (धातुमल) कहा जाता है।
$CaO + SiO_2 \rightarrow CaSiO_3$ (स्लैग)
अतः,सही उत्तर कैल्शियम सिलिकेट है।
87
EasyMCQ
वात्या भट्टी (blast furnace) में लोहे के निष्कर्षण के दौरान निम्नलिखित में से कौन सी अभिक्रिया नहीं होती है?
A
$3Fe_{2}O_{3(s)} + CO_{(g)} \longrightarrow 2Fe_{3}O_{4(s)} + CO_{2(g)}$
B
$Fe_{3}O_{4(s)} + CO_{(g)} \longrightarrow 3FeO_{(s)} + CO_{2(g)}$
C
$2Fe_{3}O_{4(s)} + CO_{(g)} \longrightarrow 3Fe_{2}O_{3(s)} + C_{(s)}$
D
$FeO_{(s)} + CO_{(g)} \longrightarrow Fe_{(l)} + CO_{2(g)}$

Solution

(C) वात्या भट्टी में,आयरन ऑक्साइड का कार्बन मोनोऑक्साइड $(CO)$ द्वारा विभिन्न तापमान क्षेत्रों में अपचयन (reduction) किया जाता है।
$1$. कम तापमान पर $(500-800 \ K)$: $3Fe_{2}O_{3} + CO \longrightarrow 2Fe_{3}O_{4} + CO_{2}$ और $Fe_{3}O_{4} + CO \longrightarrow 3FeO + CO_{2}$ अभिक्रियाएं होती हैं।
$2$. उच्च तापमान पर $(> 1000 \ K)$: $FeO + CO \longrightarrow Fe + CO_{2}$ अभिक्रिया होती है।
विकल्प $C$ गलत है क्योंकि इसमें $Fe_{3}O_{4}$ का $Fe_{2}O_{3}$ में अपचयन दिखाया गया है (जो वास्तव में ऑक्सीकरण है) और इसमें ठोस कार्बन उत्पन्न होता है,जो इस अपचयन प्रक्रिया में नहीं होता है।
88
EasyMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा लोहे के अयस्क हेमेटाइट का सूत्र है?
A
$Fe_{3}O_{4}$
B
$FeCO_{3}$
C
$Fe_{2}O_{3}$
D
$FeS_{2}$

Solution

(C) हेमेटाइट लोहे के सबसे महत्वपूर्ण अयस्कों में से एक है।
इसका रासायनिक सूत्र $Fe_{2}O_{3}$ है।
- $Fe_{3}O_{4}$ मैग्नेटाइट का सूत्र है।
- $FeCO_{3}$ सिडेराइट का सूत्र है।
- $FeS_{2}$ आयरन पाइराइट्स (मूर्खों का सोना) का सूत्र है।
अतः,सही विकल्प $C$ है।
89
EasyMCQ
वात्या भट्टी (blast furnace) में पिघले हुए लोहे का ऑक्सीकरण कौन रोकता है?
A
कैल्शियम ऑक्साइड
B
सिलिका
C
स्लैग
D
कोक

Solution

(D) वात्या भट्टी में,$Coke$ $(C)$ एक अपचायक (reducing agent) के रूप में कार्य करता है। यह ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके कार्बन मोनोऑक्साइड $(CO)$ बनाता है,जो आयरन ऑक्साइड को अपचयित करके पिघला हुआ लोहा प्रदान करता है। इसके अलावा,$Coke$ की उपस्थिति और $CO$ द्वारा निर्मित अपचायक वातावरण उत्पन्न हुए पिघले हुए लोहे का पुनः ऑक्सीकरण होने से रोकता है।
90
EasyMCQ
कैल्शियम सिलिकेट (स्लैग) का आणविक सूत्र क्या है?
A
$CaSiO_{3}$
B
$CaSiO_{2}$
C
$Na_{2}SiO_{3}$
D
$CaCO_{3}$

Solution

(A) लोहे के उसके अयस्क से निष्कर्षण के दौरान,फ्लक्स के रूप में चूना पत्थर $(CaCO_{3})$ मिलाया जाता है।
उच्च तापमान पर,चूना पत्थर विघटित होकर कैल्शियम ऑक्साइड $(CaO)$ और कार्बन डाइऑक्साइड $(CO_{2})$ बनाता है।
यह कैल्शियम ऑक्साइड $(CaO)$ अयस्क में मौजूद सिलिका $(SiO_{2})$ की अशुद्धि के साथ अभिक्रिया करके कैल्शियम सिलिकेट $(CaSiO_{3})$ बनाता है,जिसे स्लैग कहा जाता है।
रासायनिक अभिक्रिया इस प्रकार है: $CaO + SiO_{2} \rightarrow CaSiO_{3}$ (स्लैग)।
अतः,कैल्शियम सिलिकेट का सही आणविक सूत्र $CaSiO_{3}$ है।
91
EasyMCQ
धातु, उसके अयस्क और अयस्क के मुख्य घटक के रासायनिक सूत्र को जोड़ने वाले चार समूह दिए गए हैं। इनमें से कितने सही हैं?
$(1)$ आयरन - मैग्नेटाइट - $Fe_{3}O_{4}$
$(2)$ आयरन - सिडेराइट - $FeS_{2}$
$(3)$ कॉपर - कॉपर ग्लास - $Cu_{2}S$
$(4)$ कॉपर - डोलोमाइट - $Al_{2}O_{3}$
A
$(1)$ और $(4)$
B
$(2)$ और $(4)$
C
$(1)$, $(2)$ और $(4)$
D
$(1)$ और $(3)$

Solution

(D) प्रत्येक समूह का मूल्यांकन करते हैं:
$(1)$ आयरन - मैग्नेटाइट - $Fe_{3}O_{4}$: यह सही है। मैग्नेटाइट आयरन का एक ऑक्साइड अयस्क है जिसका सूत्र $Fe_{3}O_{4}$ है।
$(2)$ आयरन - सिडेराइट - $FeS_{2}$: यह गलत है। सिडेराइट का सूत्र $FeCO_{3}$ होता है। $FeS_{2}$ आयरन पाइराइट है।
$(3)$ कॉपर - कॉपर ग्लास - $Cu_{2}S$: यह सही है। कॉपर ग्लास (चाल्कोसाइट) कॉपर का एक सल्फाइड अयस्क है जिसका सूत्र $Cu_{2}S$ है।
$(4)$ कॉपर - डोलोमाइट - $Al_{2}O_{3}$: यह गलत है। डोलोमाइट का सूत्र $CaCO_{3} \cdot MgCO_{3}$ होता है। $Al_{2}O_{3}$ कोरंडम (एल्युमीनियम का अयस्क) है।
अतः, केवल समूह $(1)$ और $(3)$ सही हैं।
92
EasyMCQ
नीचे दिए गए $X$ और $Y$ से सही जोड़े बनाइए:
$X$ $Y$
$1$. सल्फर का निष्कर्षण $p$. संपर्क विधि (Contact process)
$2$. नाइट्रिक एसिड का उत्पादन $q$. फ्रैश विधि (Frasch method)
$3$. सल्फ्यूरिक एसिड का उत्पादन $r$. हैबर विधि (Haber's process)
$4$. अमोनिया गैस का उत्पादन $s$. ओस्टवाल्ड विधि (Ostwald's method)
A
$(1-q), (2-p), (3-r), (4-s)$
B
$(1-q), (2-s), (3-p), (4-r)$
C
$(1-s), (2-p), (3-q), (4-r)$
D
$(1-s), (2-r), (3-p), (4-q)$

Solution

(B) सही जोड़े इस प्रकार हैं:
$1$. सल्फर का निष्कर्षण $Frasch$ विधि द्वारा किया जाता है $(1-q)$।
$2$. नाइट्रिक एसिड का उत्पादन $Ostwald's$ विधि द्वारा किया जाता है $(2-s)$।
$3$. सल्फ्यूरिक एसिड का उत्पादन $Contact$ प्रक्रिया द्वारा किया जाता है $(3-p)$।
$4$. अमोनिया गैस का उत्पादन $Haber's$ विधि द्वारा किया जाता है $(4-r)$।
अतः,सही क्रम $(1-q), (2-s), (3-p), (4-r)$ है।
93
EasyMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा सल्फर का खनिज है?
A
गैलेना
B
सिलिका
C
हॉर्नसिल्वर
D
सिडेराइट

Solution

(A) दिए गए विकल्पों में से सल्फर का खनिज गैलेना $(PbS)$ है।
गैलेना सीसे (Lead) का मुख्य अयस्क है और इसे रासायनिक रूप से लेड सल्फाइड के रूप में जाना जाता है।
सिलिका सिलिकॉन डाइऑक्साइड $(SiO_2)$ है।
हॉर्नसिल्वर सिल्वर क्लोराइड $(AgCl)$ है।
सिडेराइट आयरन कार्बोनेट $(FeCO_3)$ है।
94
EasyMCQ
पृथ्वी की पपड़ी से सल्फर किस विधि/प्रक्रिया द्वारा प्राप्त किया जाता है?
A
संपर्क प्रक्रिया (Contact process)
B
हेबर की प्रक्रिया (Haber's process)
C
फ्रैश की विधि (Frasch's method)
D
ओस्टवाल्ड की विधि (Oswald's method)

Solution

(C) पृथ्वी की पपड़ी में मौजूद सल्फर के भंडारों से सल्फर निकालने के लिए $Frasch$ विधि का उपयोग किया जाता है।
इस विधि में,अत्यधिक गर्म पानी $(170 \ ^\circ C)$ को सल्फर के भंडार में पंप किया जाता है ताकि वह पिघल जाए।
इसके बाद पिघले हुए सल्फर को संपीड़ित हवा (compressed air) द्वारा सतह पर लाया जाता है।
$Contact$ प्रक्रिया का उपयोग सल्फ्यूरिक एसिड के निर्माण के लिए किया जाता है।
$Haber's$ प्रक्रिया का उपयोग अमोनिया के उत्पादन के लिए किया जाता है।
$Oswald's$ प्रक्रिया का उपयोग नाइट्रिक एसिड के उत्पादन के लिए किया जाता है।

Metals and Non-metals — Occurrence and Extraction of Metals · Frequently Asked Questions

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