एक टेलीस्कोप के ऑब्जेक्टिव का व्यास $1 \ m$ है। $4538 \ \text{Å}$ तरंगदैर्ध्य वाले प्रकाश के लिए इसकी विभेदन सीमा (resolving limit) क्या होगी?

  • A
    $5.54 \times 10^{-7} \ \text{rad}$
  • B
    $2.54 \times 10^{-4} \ \text{rad}$
  • C
    $6.54 \times 10^{-7} \ \text{rad}$
  • D
    इनमें से कोई नहीं

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एक अंतरिक्ष यात्री $400 \, km$ की ऊँचाई पर स्थित स्पेस शटल से पृथ्वी की सतह को देख रहा है। यदि अंतरिक्ष यात्री की पुतली का व्यास $5 \, mm$ है और दृश्य प्रकाश की तरंगदैर्ध्य $500 \, nm$ है,तो अंतरिक्ष यात्री लगभग ........ $m$ आकार की रैखिक वस्तु को विभेदित (resolve) कर पाएगा।

एक टेलीस्कोप के द्वारक (aperture) का व्यास $5\; m$ है। चंद्रमा और पृथ्वी के बीच की दूरी $4 \times 10^{5} \; km$ है। $5500\; \mathring{A}$ तरंगदैर्ध्य के प्रकाश का उपयोग करते हुए, चंद्रमा की सतह पर वस्तुओं के बीच की न्यूनतम दूरी, ताकि वे ठीक-ठीक विभेदित (resolved) हो सकें, लगभग......$m$ है।

कथन: यदि दूरबीन (telescope) के अभिदृश्यक लेंस (objective lens) का व्यास अधिक है,तो उसकी विभेदन क्षमता (resolving power) अधिक होती है।
कारण: बड़े व्यास वाला अभिदृश्यक लेंस अधिक प्रकाश एकत्र करता है।

मान लीजिए कि एक तारे से $6000\,\mathring{A}$ तरंगदैर्ध्य का प्रकाश आ रहा है। $100\,\text{inch}$ व्यास वाले दूरदर्शी (telescope) के अभिदृश्यक (objective) की विभेदन सीमा (limit of resolution) क्या है?

मानव नेत्र लेंस का व्यास $2\,mm$ है। यदि दो बिंदु आँख से $50\,m$ की दूरी पर स्थित हैं,तो उन्हें विभेदित (resolve) करने के लिए उनके बीच की न्यूनतम दूरी क्या होगी? प्रकाश की तरंगदैर्ध्य $5000\,\mathring{A}$ है।

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