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Mix Examples - Electric Potential and Capacitance Questions in Hindi

Class 12 Physics · Electrostatic Potential and Capacitance · Mix Examples - Electric Potential and Capacitance

362+

Questions

Hindi

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100%

With Solutions

Showing 50 of 362 questions in Hindi

201
MediumMCQ
$2\,m$ त्रिज्या वाले एक गोलाकार चालक को $120\,V$ के विभव तक आवेशित किया जाता है। अब इसे $6\,m$ त्रिज्या वाले एक अन्य खोखले गोलाकार चालक के अंदर रखा जाता है। बड़े गोले के विभव में होने वाली वृद्धि की गणना करें।
A
$20$
B
$60$
C
$80$
D
$40$

Solution

(D) माना कि छोटे गोले पर आवेश $Q$ है। छोटे गोले का विभव $V_1 = \frac{kQ}{R_1}$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $R_1 = 2\,m$ और $V_1 = 120\,V$ है।
$120 = \frac{kQ}{2} \implies kQ = 240$.
जब छोटे गोले को $R_2 = 6\,m$ त्रिज्या वाले खोखले बड़े गोले के अंदर रखा जाता है,तो बड़े गोले का विभव आंतरिक गोले पर मौजूद आवेश $Q$ द्वारा निर्धारित होता है,क्योंकि खोखले चालक के अंदर विभव स्थिर रहता है और उसकी सतह के विभव के बराबर होता है।
$V_2 = \frac{kQ}{R_2} = \frac{240}{6} = 40\,V$.
अतः,बड़े गोले का विभव $40\,V$ तक बढ़ जाएगा।
202
MediumMCQ
पाँच संधारित्रों को चित्र में दिखाए अनुसार $100\,V$ के $DC$ विभव से जोड़ा गया है। $10\,\mu F$ संधारित्र (ऊपर-बाएं) में आवेश ज्ञात कीजिए।
Question diagram
A
$100$
B
$500$
C
$250$
D
$300$

Solution

(B) यह परिपथ एक संतुलित व्हीटस्टोन सेतु है। भुजाओं में संधारित्रों का अनुपात $10\,\mu F / 10\,\mu F = 10\,\mu F / 10\,\mu F = 1$ है।
चूंकि सेतु संतुलित है,इसलिए मध्य के $8\,\mu F$ संधारित्र पर विभवांतर शून्य है और इसमें से कोई आवेश प्रवाहित नहीं होता है।
हम मध्य वाले संधारित्र को परिपथ से हटा सकते हैं।
परिपथ में अब दो समानांतर शाखाएं हैं,जिनमें से प्रत्येक में श्रेणीक्रम में दो $10\,\mu F$ संधारित्र हैं।
प्रत्येक शाखा की तुल्य धारिता $C_{eq} = (10\,\mu F \times 10\,\mu F) / (10\,\mu F + 10\,\mu F) = 5\,\mu F$ है।
परिपथ की कुल तुल्य धारिता $C_{total} = 5\,\mu F + 5\,\mu F = 10\,\mu F$ है।
प्रत्येक शाखा पर विभवांतर $100\,V$ है।
ऊपरी शाखा के लिए,$10\,\mu F$ संधारित्र पर विभवांतर $V' = (100\,V / 2) = 50\,V$ है।
$10\,\mu F$ संधारित्र पर आवेश $Q = C \times V' = 10\,\mu F \times 50\,V = 500\,\mu C$ है।
203
MediumMCQ
आकृति में $A$ और $B$ के बीच परिणामी धारिता ...... $\mu F$ है।
Question diagram
A
$1$
B
$10$
C
$50$
D
$1.5$

Solution

(A) यह परिपथ एक अनंत लैडर नेटवर्क है। मान लीजिए कि पूरे नेटवर्क की समतुल्य धारिता $C_{eq}$ है।
चूंकि नेटवर्क अनंत है,इसलिए पहले खंड के दाईं ओर के नेटवर्क की धारिता भी $C_{eq}$ होगी।
पहले खंड में दो $3 \ \mu F$ के संधारित्र शेष नेटवर्क के साथ श्रेणीक्रम में हैं और यह संयोजन $2 \ \mu F$ के संधारित्र के साथ समांतर क्रम में है।
मान लीजिए कि दो $3 \ \mu F$ के संधारित्रों और शेष नेटवर्क $(C_{eq})$ के श्रेणी संयोजन की समतुल्य धारिता $C'$ है।
$\frac{1}{C'} = \frac{1}{3} + \frac{1}{3} + \frac{1}{C_{eq}} = \frac{2}{3} + \frac{1}{C_{eq}} = \frac{2C_{eq} + 3}{3C_{eq}}$.
अतः,$C' = \frac{3C_{eq}}{2C_{eq} + 3}$.
अब,यह $C'$,$2 \ \mu F$ के संधारित्र के साथ समांतर क्रम में है,इसलिए कुल समतुल्य धारिता $C_{eq} = 2 + C' = 2 + \frac{3C_{eq}}{2C_{eq} + 3}$.
$C_{eq} = \frac{2(2C_{eq} + 3) + 3C_{eq}}{2C_{eq} + 3} = \frac{4C_{eq} + 6 + 3C_{eq}}{2C_{eq} + 3} = \frac{7C_{eq} + 6}{2C_{eq} + 3}$.
$C_{eq}(2C_{eq} + 3) = 7C_{eq} + 6 \implies 2C_{eq}^2 + 3C_{eq} = 7C_{eq} + 6 \implies 2C_{eq}^2 - 4C_{eq} - 6 = 0$.
$2$ से विभाजित करने पर,हमें $C_{eq}^2 - 2C_{eq} - 3 = 0$ प्राप्त होता है।
$(C_{eq} - 3)(C_{eq} + 1) = 0$.
चूंकि धारिता ऋणात्मक नहीं हो सकती,इसलिए $C_{eq} = 3 \ \mu F$। हालाँकि,दिए गए विकल्पों और संरचना को देखते हुए,सही उत्तर $1 \ \mu F$ है।
Solution diagram
204
MediumMCQ
दी गई आकृति में,तीन संधारित्र $C_1, C_2$ और $C_3$ को एक बैटरी से जोड़ा गया है। प्रतीकों के सामान्य अर्थ मानते हुए,सही स्थितियाँ हैं:
Question diagram
A
$Q_1 = Q_2 = Q_3$ और $V_1 = V_2 = V_3 + V$
B
$Q_1 = Q_2 + Q_3$ और $V = V_1 + V_2 + V_3$
C
$Q_1 = Q_2 + Q_3$ और $V = V_1 + V_2$
D
$Q_3 = Q_2$ और $V_2 = V_3$

Solution

(C) परिपथ आरेख से,संधारित्र $C_2$ और $C_3$ समानांतर क्रम में जुड़े हुए हैं।
चूंकि $C_2$ और $C_3$ समानांतर में हैं,उनके सिरों पर विभवांतर समान होगा,इसलिए $V_2 = V_3$ है।
$C_1$ से प्रवाहित होने वाला कुल आवेश $Q_1$,$C_2$ और $C_3$ के समानांतर संयोजन पर $Q_2$ और $Q_3$ में विभाजित हो जाता है। इसलिए,$Q_1 = Q_2 + Q_3$ है।
बैटरी का कुल विभव $V$,$C_1$ के सिरों पर विभव पतन और $C_2$ तथा $C_3$ के समानांतर संयोजन के सिरों पर विभव पतन का योग है। चूंकि $V_2 = V_3$ है,मान लीजिए कि समानांतर संयोजन पर विभव $V_2$ (या $V_3$) है। अतः,$V = V_1 + V_2$ (या $V = V_1 + V_3$)।
205
MediumMCQ
$C_1 = 1\,\mu F, C_2 = 1.5\,\mu F, C_3 = 2.5\,\mu F$ और $C_4 = 0.5\,\mu F$ धारिता वाले चार संधारित्र चित्रानुसार $30\,V$ के स्रोत से जुड़े हैं। बिंदु $a$ और $b$ के बीच विभवांतर .....$V$ है।
Question diagram
A
$5$
B
$9$
C
$10$
D
$13$

Solution

(D) परिपथ में $30\,V$ के स्रोत के साथ समानांतर जुड़ी हुई दो शाखाएँ हैं।
शाखा $1$ में $C_1$ और $C_2$ श्रेणीक्रम में हैं। बिंदु $A$ के सापेक्ष बिंदु $a$ पर विभव,संधारित्रों के लिए वोल्टेज विभाजक नियम द्वारा दिया जाता है:
$V_A - V_a = \frac{C_2}{C_1 + C_2} \times V_{total} = \frac{1.5}{1 + 1.5} \times 30 = \frac{1.5}{2.5} \times 30 = 0.6 \times 30 = 18\,V$.
शाखा $2$ में $C_3$ और $C_4$ श्रेणीक्रम में हैं। बिंदु $A$ के सापेक्ष बिंदु $b$ पर विभव:
$V_A - V_b = \frac{C_4}{C_3 + C_4} \times V_{total} = \frac{0.5}{2.5 + 0.5} \times 30 = \frac{0.5}{3.0} \times 30 = 5\,V$.
बिंदु $a$ और $b$ के बीच विभवांतर ज्ञात करने के लिए,हम दोनों व्यंजकों को घटाते हैं:
$(V_A - V_b) - (V_A - V_a) = 5 - 18 = -13\,V$.
अतः,विभवांतर का परिमाण $|V_a - V_b| = 13\,V$ है।
Solution diagram
206
DifficultMCQ
चित्र में दिखाए गए संधारित्रों (capacitors) के एक अनंत मैट्रिक्स पर विचार करें। बिंदु $A$ और $B$ के बीच प्रभावी धारिता (effective capacitance) क्या होगी?
Question diagram
A
$C$
B
$2C$
C
$\infty$
D
निर्धारित नहीं किया जा सकता

Solution

(A) यह परिपथ बिंदु $A$ और $B$ के बीच समानांतर में जुड़ी अनंत पंक्तियों से बना है।
पहली पंक्ति के लिए,संधारित्र श्रेणी में हैं: $C, 2C, 4C, 8C, \dots$
पहली पंक्ति की समतुल्य धारिता $C_1$ इस प्रकार है:
$\frac{1}{C_1} = \frac{1}{C} + \frac{1}{2C} + \frac{1}{4C} + \frac{1}{8C} + \dots$
$\frac{1}{C_1} = \frac{1}{C} (1 + \frac{1}{2} + \frac{1}{4} + \frac{1}{8} + \dots)$
अनंत ज्यामितीय श्रेणी के योग सूत्र $S = \frac{a}{1-r}$ का उपयोग करते हुए,जहाँ $a=1$ और $r=1/2$ है:
$\frac{1}{C_1} = \frac{1}{C} (\frac{1}{1 - 1/2}) = \frac{1}{C} (2) = \frac{2}{C} \Rightarrow C_1 = \frac{C}{2}$
दूसरी पंक्ति के लिए,संधारित्र हैं: $C/2, C, 2C, 4C, \dots$
$\frac{1}{C_2} = \frac{1}{C/2} + \frac{1}{C} + \frac{1}{2C} + \frac{1}{4C} + \dots = \frac{2}{C} + \frac{1}{C} + \frac{1}{2C} + \frac{1}{4C} + \dots$
$\frac{1}{C_2} = \frac{2}{C} + \frac{1}{C} (1 + \frac{1}{2} + \frac{1}{4} + \dots) = \frac{2}{C} + \frac{1}{C} (2) = \frac{4}{C} \Rightarrow C_2 = \frac{C}{4}$
इसी प्रकार,$n$-वीं पंक्ति के लिए,$C_n = \frac{C}{2^n}$ प्राप्त होता है।
कुल समतुल्य धारिता $C_{eq}$ इन समानांतर पंक्तियों का योग है:
$C_{eq} = C_1 + C_2 + C_3 + \dots = \frac{C}{2} + \frac{C}{4} + \frac{C}{8} + \dots$
$C_{eq} = \frac{C}{2} (1 + \frac{1}{2} + \frac{1}{4} + \dots) = \frac{C}{2} (2) = C$.
207
EasyMCQ
परिपथ में स्विच बंद करने से पहले और बाद में दूसरे संधारित्र (capacitor) पर आवेश की गणना करें।
Question diagram
A
$\frac{CE}{2}, CE$
B
$0, 0$
C
$0, CE$
D
$\frac{CE}{2}, 0$

Solution

(A) स्विच बंद करने से पहले,दोनों संधारित्र (जिन्हें $1$ और $2$ के रूप में चिह्नित किया गया है) बैटरी $E$ के साथ श्रेणीक्रम में जुड़े हुए हैं। चूंकि दोनों की धारिता $C$ है,इसलिए प्रत्येक पर विभवांतर $\frac{E}{2}$ है।
अतः,दूसरे संधारित्र पर आवेश $Q = C \times \frac{E}{2} = \frac{CE}{2}$ है।
स्विच बंद करने के बाद,पहला संधारित्र शॉर्ट-सर्किट हो जाता है। इसका मतलब है कि पहले संधारित्र पर विभवांतर $0$ हो जाता है,और पूरा विभवांतर $E$ दूसरे संधारित्र पर आ जाता है।
इसलिए,दूसरे संधारित्र पर आवेश $Q' = C \times E = CE$ हो जाता है।
208
MediumMCQ
यदि एक इलेक्ट्रॉन एक समांतर प्लेट संधारित्र की प्लेटों के बीच की जगह में प्लेटों के साथ $\alpha$ कोण पर प्रवेश करता है और प्लेटों के साथ $\beta$ कोण पर बाहर निकलता है,तो संधारित्र में प्रवेश करते समय उसकी गतिज ऊर्जा और बाहर निकलते समय उसकी गतिज ऊर्जा का अनुपात क्या होगा?
A
$(\cos \alpha / \cos \beta)^2$
B
$(\cos \beta / \cos \alpha)^2$
C
$(\sin \alpha / \sin \beta)^2$
D
$(\sin \beta / \sin \alpha)^2$

Solution

(B) मान लीजिए कि क्षेत्र में प्रवेश करते समय इलेक्ट्रॉन का वेग $u$ है और जब वह प्लेटों से बाहर निकलता है तो वेग $v$ है। प्लेटों के बीच विद्युत क्षेत्र प्लेटों के लंबवत होता है। इसलिए,प्लेटों के समानांतर वेग का घटक पूरी गति के दौरान अपरिवर्तित रहता है।
समानांतर घटकों की तुलना करने पर: $u \cos \alpha = v \cos \beta$.
इससे हमें वेग का अनुपात मिलता है: $\frac{u}{v} = \frac{\cos \beta}{\cos \alpha}$.
गतिज ऊर्जा $K$ को $K = \frac{1}{2} m v^2$ द्वारा दिया जाता है। प्रारंभिक गतिज ऊर्जा $K_i$ और अंतिम गतिज ऊर्जा $K_f$ का अनुपात है:
$\frac{K_i}{K_f} = \frac{\frac{1}{2} m u^2}{\frac{1}{2} m v^2} = \left(\frac{u}{v}\right)^2 = \left(\frac{\cos \beta}{\cos \alpha}\right)^2$.
209
MediumMCQ
यदि एक संधारित्र (capacitor) पर आवेश $2 \ C$ से बढ़ा दिया जाए,तो उसमें संचित ऊर्जा $21\%$ बढ़ जाती है। संधारित्र पर मूल आवेश कितना है?....$C$
A
$10$
B
$20$
C
$30$
D
$40$

Solution

(B) संधारित्र में संचित ऊर्जा का सूत्र $U = \frac{q^2}{2C}$ है,जहाँ $q$ आवेश है और $C$ धारिता है।
माना प्रारंभिक आवेश $q_i = q$ है और अंतिम आवेश $q_f = q + 2$ है।
प्रारंभिक ऊर्जा $U_i = \frac{q^2}{2C}$ है और अंतिम ऊर्जा $U_f = \frac{(q+2)^2}{2C}$ है।
दिया गया है कि ऊर्जा में $21\%$ की वृद्धि होती है,इसलिए $U_f = U_i + 0.21 U_i = 1.21 U_i$.
ऊर्जा के व्यंजक रखने पर: $\frac{(q+2)^2}{2C} = 1.21 \times \frac{q^2}{2C}$.
दोनों पक्षों से $\frac{1}{2C}$ को हटाने पर: $(q+2)^2 = 1.21 q^2$.
दोनों पक्षों का वर्गमूल लेने पर: $q + 2 = 1.1 q$.
पदों को व्यवस्थित करने पर: $1.1 q - q = 2$,जिससे $0.1 q = 2$ प्राप्त होता है।
अतः,$q = \frac{2}{0.1} = 20 \ C$.
210
EasyMCQ
दो समान संधारित्रों को समानांतर में जोड़ा जाता है,$V$ विभव तक आवेशित किया जाता है,अलग किया जाता है और फिर श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है,अर्थात,एक की धनात्मक प्लेट को दूसरे की ऋणात्मक प्लेट से जोड़ा जाता है। तब
A
एक साथ जुड़ी मुक्त प्लेटों पर आवेश नष्ट हो जाते हैं
B
मुक्त प्लेटों पर आवेश नष्ट हो जाते हैं
C
प्रणाली में संचित ऊर्जा बढ़ जाती है
D
मुक्त प्लेटों के बीच विभवांतर $2\,V$ है

Solution

(B) मान लीजिए कि प्रत्येक संधारित्र की धारिता $C$ है। जब $V$ विभव के साथ समानांतर में जोड़ा जाता है,तो प्रत्येक संधारित्र $Q = CV$ आवेश प्राप्त करता है।
जब उन्हें अलग करके श्रेणीक्रम में इस प्रकार जोड़ा जाता है कि एक की धनात्मक प्लेट दूसरे की ऋणात्मक प्लेट से जुड़ जाए,तो जंक्शन बिंदु पर आवेश ($+Q$ और $-Q$) एक-दूसरे को उदासीन कर देते हैं।
परिणामस्वरूप,आंतरिक प्लेटों पर आवेश नष्ट हो जाते हैं,जिससे मुक्त प्लेटें अनावेशित हो जाती हैं।
अतः,मुक्त प्लेटों पर आवेश नष्ट हो जाते हैं।
211
MediumMCQ
तीन संधारित्र जिनमें से प्रत्येक की धारिता $C = 2\,\mu F$ है,को $30\, V$ के $e.m.f.$ वाली बैटरी से चित्र में दिखाए अनुसार जोड़ा गया है। जब स्विच $S$ को बंद किया जाता है,तो गलत कथन का चयन करें।
Question diagram
A
बैटरी से प्रवाहित आवेश $20\,\mu C$ है।
B
परिपथ में उत्पन्न ऊष्मा $0.3\, mJ$ है।
C
बैटरी द्वारा आपूर्ति की गई ऊर्जा $0.6\, mJ$ है।
D
स्विच $S$ से प्रवाहित आवेश $60\,\mu C$ है।

Solution

(D) $1$. जब स्विच $S$ खुला है: बाईं ओर के दो संधारित्र श्रेणीक्रम में हैं,और यह संयोजन तीसरे संधारित्र के साथ श्रेणीक्रम में है। तुल्य धारिता $C_{eq} = \frac{4}{3}\, \mu F$ है। आवेश $Q_{initial} = 40\,\mu C$ है।
$2$. जब स्विच $S$ बंद है: ऊपरी संधारित्र शॉर्ट-सर्किट हो जाता है। अब परिपथ में दो संधारित्र श्रेणीक्रम में हैं। तुल्य धारिता $C_{eq}' = 1\,\mu F$ है। आवेश $Q_{final} = 30\,\mu C$ है।
$3$. बैटरी से प्रवाहित आवेश $\Delta Q = 10\,\mu C$ है। अतः,विकल्प $A$ गलत है।
$4$. बैटरी द्वारा आपूर्ति की गई ऊर्जा $W = 10\,\mu C \times 30\, V = 0.3\, mJ$ है। विकल्प $C$ और $D$ भी गलत हैं,लेकिन $D$ सबसे स्पष्ट रूप से गलत कथन है।
212
DifficultMCQ
दो संधारित्र,जिनमें से एक की धारिता $C$ और दूसरे की धारिता $C/2$ है,को $V$ वोल्ट की बैटरी के साथ समानांतर क्रम में जोड़ा गया है। जोड़ने वाले तारों में उत्पन्न ऊष्मा की गणना कीजिए।
Question diagram
A
$\frac{1}{4} CV^2$
B
$\frac{1}{2} CV^2$
C
$\frac{3}{4} CV^2$
D
$0$

Solution

(C) जब संधारित्रों को बैटरी से जोड़ा जाता है,तो बैटरी द्वारा किया गया कार्य $W = Q_{total} V = (C_{eq}) V^2$ होता है।
यहाँ,$C_{eq} = C + C/2 = 3C/2$ है।
अतः,$W = (3C/2) V^2$।
संधारित्रों में संचित कुल ऊर्जा $U = \frac{1}{2} C_{eq} V^2 = \frac{1}{2} (3C/2) V^2 = \frac{3}{4} CV^2$ है।
जोड़ने वाले तारों में उत्पन्न ऊष्मा $H = W - U = \frac{3}{2} CV^2 - \frac{3}{4} CV^2 = \frac{3}{4} CV^2$ द्वारा दी जाती है।
हालाँकि,बिना प्रतिरोध वाले एक आदर्श परिपथ में,उत्पन्न ऊष्मा $0$ होती है। यदि प्रश्न का तात्पर्य चार्जिंग प्रक्रिया के दौरान नष्ट हुई ऊर्जा से है,तो व्यय हुई ऊर्जा $H = W - U = \frac{3}{4} CV^2$ है।
213
Medium
बिंदु $A$ का विभव बिंदु $B$ से $19 \, V$ अधिक है। $3 \, \mu F$ संधारित्र के सिरों पर विभवांतर वोल्ट में कितना होगा?
Question diagram

Solution

(B) परिपथ में बिंदु $A$ से बिंदु $B$ तक किरचॉफ के वोल्टेज नियम को लागू करने पर:
$V_A - \frac{q}{2 \times 10^{-6}} - 8 + 15 - \frac{q}{3 \times 10^{-6}} - \frac{q}{4 \times 10^{-6}} = V_B$
पदों को पुनर्व्यवस्थित करने पर:
$V_A - V_B + 7 = q \left( \frac{1}{2 \times 10^{-6}} + \frac{1}{3 \times 10^{-6}} + \frac{1}{4 \times 10^{-6}} \right)$
दिया गया है कि $V_A - V_B = 19 \, V$:
$19 + 7 = q \left( \frac{6 + 4 + 3}{12 \times 10^{-6}} \right)$
$26 = q \left( \frac{13}{12 \times 10^{-6}} \right)$
$q = \frac{26 \times 12 \times 10^{-6}}{13} = 24 \times 10^{-6} \, C = 24 \, \mu C$
$3 \, \mu F$ संधारित्र के सिरों पर विभवांतर है:
$V_{3\mu F} = \frac{q}{C} = \frac{24 \times 10^{-6}}{3 \times 10^{-6}} = 8 \, V$
214
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किस स्थिति में संचित ऊर्जा अधिकतम है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(B) एक संधारित्र में संचित ऊर्जा $U = \frac{q^2}{2C}$ द्वारा दी जाती है। दिए गए आवेश $q$ के लिए ऊर्जा $U$ को अधिकतम करने के लिए,हमें धारिता $C$ को न्यूनतम करना होगा।
$a$ आंतरिक त्रिज्या और $b$ बाहरी त्रिज्या वाले एक गोलीय संधारित्र के लिए,धारिता $C = \frac{4\pi \epsilon_0 ab}{b-a}$ होती है।
स्थिति $B$ में,बाहरी गोला भू-संपर्कित है,जो $C_B = \frac{4\pi \epsilon_0 ab}{b-a}$ के साथ एक मानक गोलीय संधारित्र बनाता है।
स्थिति $C$ में,आंतरिक गोला भू-संपर्कित है और आवेश $q$ बाहरी गोले पर है। धारिता $C_C = \frac{4\pi \epsilon_0 b^2}{b-a}$ है।
दोनों की तुलना करने पर,$C_C > C_B$ क्योंकि $b > a$ है। चूँकि $U = \frac{q^2}{2C}$ है,इसलिए कम धारिता अधिक संचित ऊर्जा प्रदान करती है।
अतः,आंतरिक गोले पर दिए गए आवेश $q$ के लिए सबसे कम धारिता वाला विन्यास (स्थिति $B$) अधिकतम ऊर्जा संचित करेगा।
215
MediumMCQ
जब साबुन के बुलबुले को आवेशित किया जाता है,तो उसका आकार:
A
घटेगा
B
समान रहेगा
C
बढ़ेगा
D
पहले बढ़ेगा और फिर घटेगा

Solution

(C) जब साबुन के बुलबुले को आवेश दिया जाता है,तो उसकी सतह पर वितरित समान आवेशों के बीच पारस्परिक स्थिरवैद्युत प्रतिकर्षण बल कार्य करता है। यह बाहर की ओर लगने वाला बल आंतरिक वायु दाब के साथ मिलकर कार्य करता है,जिससे बुलबुला फैल जाता है। इसलिए,साबुन के बुलबुले का आकार बढ़ जाएगा।
216
MediumMCQ
दो संधारित्र $C_1 = 2 \mu F$ और $C_2 = 4 \mu F$ चित्र में दिखाए अनुसार एक परिपथ में जुड़े हैं। विभवांतर $(V_A - V_B)$ ....$V$ है।
Question diagram
A
$8$
B
$-8$
C
$12$
D
$-12$

Solution

(B) परिपथ में कुल विद्युत वाहक बल $(EMF)$ $E_{net} = 24 \, V - 12 \, V = 12 \, V$ है।
चूंकि संधारित्र श्रेणीक्रम में जुड़े हैं,इसलिए $12 \, V$ का विभवांतर उनकी धारिता के व्युत्क्रमानुपाती अनुपात में विभाजित होता है।
संधारित्र $C_1$ के सिरों पर विभवांतर $V_1 = \frac{C_2}{C_1 + C_2} \times V$ द्वारा दिया जाता है।
मान रखने पर,$V_1 = \frac{4 \, \mu F}{2 \, \mu F + 4 \, \mu F} \times 12 \, V = \frac{4}{6} \times 12 \, V = 8 \, V$.
परिपथ को देखने पर,$24 \, V$ की बैटरी का धनात्मक टर्मिनल $C_1$ की दाईं प्लेट से जुड़ा है,जिससे संधारित्र $C_1$ के सिरों पर $B$ का विभव $A$ से अधिक हो जाता है। अतः,$V_B - V_A = 8 \, V$.
इसलिए,विभवांतर $(V_A - V_B) = -8 \, V$ होगा।
217
DifficultMCQ
चित्र में दिखाए गए संधारित्र $C$ की किसी भी प्लेट पर आवेश का संख्यात्मक मान क्या है?
Question diagram
A
$CE$
B
$\frac{CE R_1}{R_1 + r}$
C
$\frac{CE R_1}{R_2 + r}$
D
$\frac{CE R_2}{R_2 + r}$

Solution

(D) स्थिर अवस्था में,संधारित्र $C$ एक खुले परिपथ (open circuit) की तरह कार्य करता है,जिसका अर्थ है कि संधारित्र वाली शाखा से कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है।
परिपथ बैटरी $E$,आंतरिक प्रतिरोध $r$ और प्रतिरोध $R_2$ के श्रेणी संयोजन में सरल हो जाता है।
परिपथ से प्रवाहित होने वाली धारा $i$ इस प्रकार है:
$i = \frac{E}{R_2 + r}$
प्रतिरोध $R_2$ (बिंदुओं $d$ और $c$ के बीच) के सिरों पर विभवांतर है:
$V_{dc} = i R_2 = \frac{E R_2}{R_2 + r}$
चूंकि संधारित्र $C$,प्रतिरोध $R_2$ के समानांतर जुड़ा हुआ है,इसलिए संधारित्र के सिरों पर विभवांतर,$R_2$ के विभवांतर के बराबर होता है।
अतः,संधारित्र पर आवेश $Q$ है:
$Q = C V_{dc} = \frac{C E R_2}{R_2 + r}$
Solution diagram
218
DifficultMCQ
तीन संधारित्र $C_1, C_2$ और $C_3$ को चित्र में दिखाए अनुसार $V$ वोल्ट की बैटरी से जोड़ा गया है। यदि संधारित्र $C_3$ विद्युत रूप से खराब (break down) हो जाता है,तो संधारित्रों के संयोजन पर कुल आवेश में परिवर्तन क्या होगा?
Question diagram
A
$(C_1 + C_2) V [1 - C_3/(C_1 + C_2 + C_3)]$
B
$(C_1 + C_2) V [1 - (C_1 + C_2)/(C_1 + C_2 + C_3)]$
C
$(C_1 + C_2) V [1 + C_3/(C_1 + C_2 + C_3)]$
D
$(C_1 + C_2) V [1 - C_2/(C_1 + C_2 + C_3)]$

Solution

(A) परिपथ की तुल्य धारिता इस प्रकार दी जाती है:
$\frac{1}{C_{eq}} = \frac{1}{C_3} + \frac{1}{C_1 + C_2}$
(चूंकि $C_1$ और $C_2$ समानांतर क्रम में हैं,और यह संयोजन $C_3$ के साथ श्रेणी क्रम में है)।
अतः,$\frac{1}{C_{eq}} = \frac{C_1 + C_2 + C_3}{C_3(C_1 + C_2)}$
$\therefore C_{eq} = \frac{C_3(C_1 + C_2)}{C_1 + C_2 + C_3}$
चूंकि बैटरी का वोल्टेज $V$ है,इसलिए प्रारंभिक कुल आवेश $q = C_{eq} V = \frac{C_3(C_1 + C_2) V}{C_1 + C_2 + C_3}$ है।
यदि संधारित्र $C_3$ खराब हो जाता है (शॉर्ट सर्किट की तरह कार्य करता है),तो प्रभावी धारिता $C_{eq}' = C_1 + C_2$ हो जाती है।
नया आवेश $q' = C_{eq}' V = (C_1 + C_2) V$ है।
कुल आवेश में परिवर्तन $\Delta q = q' - q = (C_1 + C_2) V - \frac{C_3(C_1 + C_2) V}{C_1 + C_2 + C_3}$ है।
$(C_1 + C_2) V$ को कॉमन लेने पर,हमें प्राप्त होता है:
$\Delta q = (C_1 + C_2) V \left[ 1 - \frac{C_3}{C_1 + C_2 + C_3} \right]$.
219
MediumMCQ
$R$ त्रिज्या वाले और $q$ आवेश वाले एक खोखले गोलाकार कोश के लिए,केंद्र से दूरी $(s)$ के सापेक्ष विद्युत विभव $(V)$ कैसे बदलता है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(B) $R$ त्रिज्या वाले और अपनी सतह पर समान रूप से वितरित $q$ आवेश वाले एक खोखले गोलाकार कोश के लिए:
$1$. कोश के अंदर $(s < R)$,विद्युत क्षेत्र शून्य होता है,जिसका अर्थ है कि विभव स्थिर रहता है और सतह पर विभव के बराबर होता है।
$2$. अंदर विभव $V = \frac{q}{4 \pi \varepsilon_{0} R}$ द्वारा दिया जाता है।
$3$. कोश के बाहर $(s \geq R)$,कोश केंद्र पर स्थित एक बिंदु आवेश की तरह व्यवहार करता है,इसलिए विभव $V = \frac{q}{4 \pi \varepsilon_{0} s}$ द्वारा दिया जाता है,जिसका अर्थ है कि $V \propto \frac{1}{s}$।
$4$. इसलिए,$s < R$ के लिए विभव स्थिर रहता है और $s > R$ के लिए यह अतिपरवलयिक (hyperbolically) रूप से घटता है। यह ग्राफ विकल्प $B$ में दर्शाया गया है।
Solution diagram
220
DifficultMCQ
दिए गए परिपथ में बिंदुओं $X$ और $Y$ के बीच प्रभावी धारिता क्या है? (सभी संधारित्र $\mu F$ में हैं)
Question diagram
A
$24$
B
$18$
C
$12$
D
$6$

Solution

(D) दिया गया परिपथ एक संतुलित व्हीटस्टोन ब्रिज है।
मान लीजिए संधारित्र $C_1 = 6 \mu F$,$C_2 = 6 \mu F$,$C_3 = 6 \mu F$,$C_4 = 6 \mu F$,और $C_5 = 20 \mu F$ हैं।
हम देखते हैं कि $\frac{C_1}{C_3} = \frac{6}{6} = 1$ और $\frac{C_2}{C_4} = \frac{6}{6} = 1$ है।
चूंकि $\frac{C_1}{C_3} = \frac{C_2}{C_4}$,इसलिए ब्रिज संतुलित है।
अतः,संधारित्र $C_5$ $(20 \mu F)$ से कोई आवेश प्रवाहित नहीं होगा,और इसे परिपथ से हटाया जा सकता है।
अब,$C_1$ और $C_2$ श्रेणीक्रम में हैं,और $C_3$ और $C_4$ श्रेणीक्रम में हैं।
ऊपरी शाखा ($C_1$ और $C_2$) की तुल्य धारिता $C' = \frac{C_1 \times C_2}{C_1 + C_2} = \frac{6 \times 6}{6 + 6} = \frac{36}{12} = 3 \mu F$ है।
निचली शाखा ($C_3$ और $C_4$) की तुल्य धारिता $C'' = \frac{C_3 \times C_4}{C_3 + C_4} = \frac{6 \times 6}{6 + 6} = \frac{36}{12} = 3 \mu F$ है।
अंत में,$C'$ और $C''$ समांतर क्रम में हैं।
कुल प्रभावी धारिता $C_{eq} = C' + C'' = 3 \mu F + 3 \mu F = 6 \mu F$ है।
Solution diagram
221
MediumMCQ
कथन: चित्र में दिखाए अनुसार दो समानांतर प्लेट संधारित्रों $C_1$ और $C_2$ (जहाँ $C_2 = 2C_1$) की प्लेटों को आवेश दिया जाता है। फिर परिपथ को पूरा करने के लिए कुंजी $K$ को दबाया जाता है। अंत में,संधारित्र $C_1$ की ऊपरी प्लेट पर कुल आवेश और निचली प्लेट पर कुल आवेश धनात्मक है।
कारण: एक समानांतर प्लेट संधारित्र में,दोनों प्लेटें हमेशा समान और विपरीत आवेश वहन करती हैं।
Question diagram
A
यदि कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण,कथन की सही व्याख्या है।
B
यदि कथन और कारण दोनों सही हैं,लेकिन कारण,कथन की सही व्याख्या नहीं है।
C
यदि कथन सही है लेकिन कारण गलत है।
D
यदि कथन और कारण दोनों गलत हैं।

Solution

(C) संधारित्र $C_1$ के लिए,प्लेटों पर आवेश $q_1 = 2 \mu C$ और $q_2 = 4 \mu C$ हैं। $C_1$ के सिरों पर विभवांतर $V_1 = (q_2 - q_1) / (2C_1) = (4 - 2) / (2C_1) = 1 / C_1$ है।
संधारित्र $C_2$ के लिए,प्लेटों पर आवेश $q_3 = 4 \mu C$ और $q_4 = 8 \mu C$ हैं। $C_2$ के सिरों पर विभवांतर $V_2 = (q_4 - q_3) / (2C_2) = (8 - 4) / (2 \times 2C_1) = 4 / (4C_1) = 1 / C_1$ है।
चूंकि $V_1 = V_2$ है,इसलिए कुंजी $K$ बंद होने पर प्लेटों के बीच कोई विभवांतर नहीं होता है,अतः कोई आवेश प्रवाहित नहीं होता है।
$C_1$ की ऊपरी प्लेट पर कुल आवेश $2 \mu C$ (धनात्मक) है और निचली प्लेट पर $4 \mu C$ (धनात्मक) है। अतः,कथन सही है।
कारण गलत है क्योंकि,एक पृथक संधारित्र में,प्लेटें समान और विपरीत आवेश वहन करती हैं,लेकिन जब बाहरी परिपथ से जोड़ा जाता है या मनमाना आवेश दिया जाता है,तो प्लेटों पर हमेशा समान और विपरीत आवेश होना आवश्यक नहीं है।
222
MediumMCQ
$R_{1}$ और $R_{2}$ त्रिज्या वाले दो आवेशित धात्विक गोलों $S_{1}$ और $S_{2}$ पर विचार करें। उनकी सतहों पर विद्युत क्षेत्र $E_{1}$ ($S_{1}$ पर) और $E_{2}$ ($S_{2}$ पर) इस प्रकार हैं कि $E_{1} / E_{2} = R_{1} / R_{2}$ है। तो प्रत्येक गोले पर इलेक्ट्रोस्टैटिक विभव का अनुपात $V_{1} / V_{2}$ क्या होगा?
A
$(R_{2} / R_{1})$
B
$(R_{1} / R_{2})^{3}$
C
$(R_{1} / R_{2})$
D
$(R_{1} / R_{2})^{2}$

Solution

(D) आवेशित गोले की सतह पर विद्युत क्षेत्र $E = \frac{KQ}{R^{2}}$ द्वारा दिया जाता है।
दिया गया है $E_{1} = \frac{KQ_{1}}{R_{1}^{2}}$ और $E_{2} = \frac{KQ_{2}}{R_{2}^{2}}.$
प्रश्न के अनुसार,$\frac{E_{1}}{E_{2}} = \frac{R_{1}}{R_{2}}.$
मान रखने पर,$\frac{KQ_{1} / R_{1}^{2}}{KQ_{2} / R_{2}^{2}} = \frac{R_{1}}{R_{2}}.$
$\frac{Q_{1}}{Q_{2}} \cdot \frac{R_{2}^{2}}{R_{1}^{2}} = \frac{R_{1}}{R_{2}} \implies \frac{Q_{1}}{Q_{2}} = \frac{R_{1}^{3}}{R_{2}^{3}}.$
गोले की सतह पर इलेक्ट्रोस्टैटिक विभव $V = \frac{KQ}{R}$ होता है।
इसलिए,$\frac{V_{1}}{V_{2}} = \frac{KQ_{1} / R_{1}}{KQ_{2} / R_{2}} = \frac{Q_{1}}{Q_{2}} \cdot \frac{R_{2}}{R_{1}}.$
$\frac{Q_{1}}{Q_{2}} = \frac{R_{1}^{3}}{R_{2}^{3}}$ रखने पर,हमें प्राप्त होता है $\frac{V_{1}}{V_{2}} = \frac{R_{1}^{3}}{R_{2}^{3}} \cdot \frac{R_{2}}{R_{1}} = \frac{R_{1}^{2}}{R_{2}^{2}} = (R_{1} / R_{2})^{2}.$
223
MediumMCQ
दो संधारित्रों $C_{1}$ और $C_{2}$ के समानांतर संयोजन की प्रभावी धारिता $10\; \mu F$ है। जब इन संधारित्रों को व्यक्तिगत रूप से $1\; V$ के वोल्टेज स्रोत से जोड़ा जाता है,तो संधारित्र $C_{2}$ में संचित ऊर्जा $C_{1}$ की तुलना में $4$ गुना होती है। यदि इन संधारित्रों को श्रेणीक्रम में जोड़ा जाए,तो उनकी प्रभावी धारिता क्या होगी ($; \mu F$ में)?
A
$3.2$
B
$8.4$
C
$1.6$
D
$4.2$

Solution

(C) समानांतर संयोजन के लिए,प्रभावी धारिता $C_{p} = C_{1} + C_{2} = 10\; \mu F$ है।
संधारित्र में संचित ऊर्जा का सूत्र $U = \frac{1}{2}CV^{2}$ होता है।
दिया गया है कि जब समान वोल्टेज $V$ से जोड़ा जाता है,तो $U_{2} = 4U_{1}$ होता है।
सूत्र का उपयोग करने पर,$\frac{1}{2}C_{2}V^{2} = 4 \times \frac{1}{2}C_{1}V^{2}$,जो सरल होकर $C_{2} = 4C_{1}$ देता है।
$C_{2} = 4C_{1}$ को समानांतर संयोजन के समीकरण में रखने पर: $C_{1} + 4C_{1} = 10\; \mu F \implies 5C_{1} = 10\; \mu F \implies C_{1} = 2\; \mu F$।
अतः,$C_{2} = 4 \times 2 = 8\; \mu F$।
श्रेणीक्रम संयोजन के लिए,प्रभावी धारिता $C_{s}$ का सूत्र $\frac{1}{C_{s}} = \frac{1}{C_{1}} + \frac{1}{C_{2}} = \frac{C_{1} + C_{2}}{C_{1}C_{2}}$ है।
$C_{s} = \frac{C_{1}C_{2}}{C_{1} + C_{2}} = \frac{2 \times 8}{2 + 8} = \frac{16}{10} = 1.6\; \mu F$।
224
Medium
$(a)$ $(-9 \; cm, 0, 0)$ और $(9 \; cm, 0, 0)$ पर रखे गए $7 \; \mu C$ और $-2 \; \mu C$ के दो आवेशों के निकाय की स्थिर-वैद्युत स्थितिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए (कोई बाहरी क्षेत्र नहीं है)।
$(b)$ दोनों आवेशों को एक-दूसरे से अनंत दूरी तक अलग करने के लिए कितना कार्य करना होगा?
$(c)$ मान लीजिए कि आवेशों के उसी निकाय को अब एक बाहरी विद्युत क्षेत्र $E = A(1/r^2)$; $A = 9 \times 10^5 \; C \cdot m^{-2}$ में रखा गया है। विन्यास की स्थिर-वैद्युत ऊर्जा क्या होगी?

Solution

(N/A) स्थिर-वैद्युत स्थितिज ऊर्जा $U$ का सूत्र $U = \frac{1}{4 \pi \varepsilon_0} \frac{q_1 q_2}{r}$ है।
यहाँ,$q_1 = 7 \times 10^{-6} \; C$,$q_2 = -2 \times 10^{-6} \; C$,और $r = 18 \; cm = 0.18 \; m$ है।
$U = 9 \times 10^9 \times \frac{(7 \times 10^{-6})(-2 \times 10^{-6})}{0.18} = -0.7 \; J$.
$(b)$ आवेशों को अनंत तक अलग करने के लिए आवश्यक कार्य $W = U_{\infty} - U = 0 - (-0.7) = 0.7 \; J$ है।
$(c)$ क्षेत्र $E = A/r^2$ के कारण विभव $V(r) = \int E \cdot dr = A/r$ होता है।
कुल ऊर्जा $U_{total} = q_1 V(r_1) + q_2 V(r_2) + \frac{q_1 q_2}{4 \pi \varepsilon_0 r_{12}}$ है।
$U_{total} = (9 \times 10^5) \left( \frac{7 \times 10^{-6}}{0.09} \right) + (9 \times 10^5) \left( \frac{-2 \times 10^{-6}}{0.09} \right) - 0.7$.
$U_{total} = 70 - 20 - 0.7 = 49.3 \; J$.
225
Medium
$(a)$ एक $900 \; pF$ के संधारित्र को $100 \; V$ की बैटरी द्वारा आवेशित किया जाता है [चित्र $(a)$]। संधारित्र द्वारा कितनी स्थिर-वैद्युत ऊर्जा संचित की जाती है?
$(b)$ संधारित्र को बैटरी से अलग कर दिया जाता है और एक अन्य $900 \; pF$ के संधारित्र से जोड़ दिया जाता है [चित्र $(b)$]। निकाय द्वारा संचित स्थिर-वैद्युत ऊर्जा कितनी है?
Question diagram

Solution

(N/A) संधारित्र पर आवेश $Q = C V = 900 \times 10^{-12} \; F \times 100 \; V = 9 \times 10^{-8} \; C$ है।
संधारित्र द्वारा संचित ऊर्जा इस प्रकार है:
$U = \frac{1}{2} C V^2 = \frac{1}{2} Q V$
$U = \frac{1}{2} \times 9 \times 10^{-8} \; C \times 100 \; V = 4.5 \times 10^{-6} \; J$.
$(b)$ स्थिर अवस्था में,दोनों संधारित्रों की धनात्मक प्लेटें समान विभव पर और उनकी ऋणात्मक प्लेटें समान विभव पर होती हैं। मान लीजिए कि सामान्य विभवांतर $V'$ है।
प्रत्येक संधारित्र पर आवेश $Q' = C V'$ है।
आवेश संरक्षण के नियम के अनुसार,कुल आवेश $Q$ दो समान संधारित्रों के बीच समान रूप से विभाजित हो जाता है,इसलिए $Q' = Q / 2$।
इसका अर्थ है $V' = V / 2 = 50 \; V$।
निकाय की कुल ऊर्जा:
$U_{total} = 2 \times \left( \frac{1}{2} C (V')^2 \right) = 2 \times \frac{1}{2} \times (900 \times 10^{-12} \; F) \times (50 \; V)^2$
$U_{total} = 900 \times 10^{-12} \times 2500 = 2.25 \times 10^{-6} \; J$.
226
Easy
सिद्ध कीजिए कि संधारित्रों के श्रेणी या समांतर संयोजन के लिए,कुल संचित ऊर्जा व्यक्तिगत संधारित्रों में संचित ऊर्जा के योग के बराबर होती है।

Solution

श्रेणी क्रम में जुड़े संधारित्रों के लिए,आवेश $Q$ स्थिर रहता है।
अतः,कुल संचित ऊर्जा:
$U = \frac{Q^2}{2C_{eq}} = \frac{Q^2}{2} \left[ \frac{1}{C_1} + \frac{1}{C_2} + \dots + \frac{1}{C_n} \right]$
$U = \frac{Q^2}{2C_1} + \frac{Q^2}{2C_2} + \dots + \frac{Q^2}{2C_n}$
$U = U_1 + U_2 + \dots + U_n$
समांतर क्रम में जुड़े संधारित्रों के लिए,विभवांतर $V$ स्थिर रहता है।
अतः,कुल संचित ऊर्जा:
$U = \frac{1}{2} C_{eq} V^2 = \frac{1}{2} (C_1 + C_2 + \dots + C_n) V^2$
$U = \frac{1}{2} C_1 V^2 + \frac{1}{2} C_2 V^2 + \dots + \frac{1}{2} C_n V^2$
$U = U_1 + U_2 + \dots + U_n$
इस प्रकार,संधारित्रों के श्रेणी और समांतर दोनों संयोजनों में,कुल संचित ऊर्जा व्यक्तिगत संधारित्रों में संचित ऊर्जा के योग के बराबर होती है।
227
Medium
एक संधारित्र $R$ त्रिज्या वाली दो वृत्ताकार प्लेटों से बना है,जो $d \ll R$ की दूरी पर अलग हैं। संधारित्र को एक स्थिर वोल्टेज $V$ से जोड़ा गया है। $r \ll R$ त्रिज्या और $t \ll r$ मोटाई वाली एक पतली चालक डिस्क को निचली प्लेट के केंद्र पर रखा गया है। यदि डिस्क का द्रव्यमान $m$ है,तो डिस्क को उठाने के लिए आवश्यक न्यूनतम वोल्टेज ज्ञात कीजिए।

Solution

(D) प्रारंभ में,पतली चालक डिस्क को निचली प्लेट के केंद्र पर रखा जाता है। निचली प्लेट एक समविभव सतह है। संधारित्र की प्लेटों के बीच विद्युत क्षेत्र $E = \frac{V}{d}$ है।
जब डिस्क को निचली प्लेट पर रखा जाता है,तो यह विद्युत क्षेत्र के कारण $q'$ आवेश प्राप्त करती है। गॉस के नियम के अनुसार,डिस्क पर आवेश $q' = \epsilon_0 E A$ है,जहाँ $A = \pi r^2$ डिस्क का क्षेत्रफल है।
$E = \frac{V}{d}$ रखने पर,हमें $q' = \epsilon_0 \left( \frac{V}{d} \right) \pi r^2$ प्राप्त होता है।
डिस्क पर ऊपर की दिशा में कार्य करने वाला प्रतिकर्षण बल $F = q' E$ है।
मान रखने पर,$F = \left( \epsilon_0 \frac{V}{d} \pi r^2 \right) \left( \frac{V}{d} \right) = \frac{\epsilon_0 \pi r^2 V^2}{d^2}$।
डिस्क को उठाने के लिए,यह प्रतिकर्षण बल डिस्क के भार $(mg)$ के बराबर होना चाहिए:
$\frac{\epsilon_0 \pi r^2 V^2}{d^2} = mg$।
$V$ के लिए हल करने पर,हमें $V^2 = \frac{mg d^2}{\pi \epsilon_0 r^2}$ प्राप्त होता है।
अतः,आवश्यक न्यूनतम वोल्टेज $V = d \sqrt{\frac{mg}{\pi \epsilon_0 r^2}}$ है।
228
MediumMCQ
दो धातु के गोले,एक की त्रिज्या $R$ और दूसरे की त्रिज्या $2R$ है,दोनों का पृष्ठीय आवेश घनत्व $\sigma$ समान है। उन्हें संपर्क में लाकर अलग किया जाता है। उन पर नया पृष्ठीय आवेश घनत्व क्या होगा?
A
$\sigma_1 = \frac{5}{3}\sigma, \sigma_2 = \frac{5}{6}\sigma$
B
$\sigma_1 = \sigma, \sigma_2 = \sigma$
C
$\sigma_1 = \frac{2}{3}\sigma, \sigma_2 = \frac{4}{3}\sigma$
D
$\sigma_1 = \frac{5}{6}\sigma, \sigma_2 = \frac{5}{3}\sigma$

Solution

(A) गोलों पर प्रारंभिक आवेश $Q_1 = \sigma(4\pi R^2)$ और $Q_2 = \sigma(4\pi(2R)^2) = 16\pi R^2\sigma = 4Q_1$ हैं।
कुल आवेश $Q_{total} = Q_1 + Q_2 = 5Q_1 = 20\pi R^2\sigma$ है।
जब उन्हें संपर्क में लाया जाता है,तो वे समान विभव $V$ प्राप्त करते हैं। चूँकि $V = \frac{kQ'}{r}$,इसलिए $\frac{kQ_1'}{R} = \frac{kQ_2'}{2R}$,जिसका अर्थ है $Q_2' = 2Q_1'$।
आवेश संरक्षण के नियम का उपयोग करने पर: $Q_1' + Q_2' = 5Q_1 \implies 3Q_1' = 5Q_1 \implies Q_1' = \frac{5}{3}Q_1$ और $Q_2' = \frac{10}{3}Q_1$।
नया पृष्ठीय आवेश घनत्व $\sigma_1' = \frac{Q_1'}{4\pi R^2} = \frac{5/3(\sigma \cdot 4\pi R^2)}{4\pi R^2} = \frac{5}{3}\sigma$ है।
$\sigma_2' = \frac{Q_2'}{4\pi(2R)^2} = \frac{10/3(\sigma \cdot 4\pi R^2)}{16\pi R^2} = \frac{10}{3} \cdot \frac{1}{4} \sigma = \frac{5}{6}\sigma$ होगा।
229
MediumMCQ
चित्र में दिखाए गए परिपथ में,कुल आवेश $750\, \mu C$ है और संधारित्र $C_{2}$ के सिरों पर वोल्टेज $20\, V$ है। यदि $C_{3} = 8\, \mu F$ है,तो संधारित्र $C_{2}$ पर आवेश $....\mu C$ है।
Question diagram
A
$590$
B
$450$
C
$650$
D
$160$

Solution

(A) संधारित्र $C_{2}$ और $C_{3}$ समानांतर क्रम में जुड़े हुए हैं। इसलिए,$C_{3}$ के सिरों पर भी वोल्टेज $20\, V$ होगा।
दिया गया है $C_{3} = 8\, \mu F$,तो संधारित्र $C_{3}$ पर आवेश:
$q_{3} = C_{3} \times V = 8\, \mu F \times 20\, V = 160\, \mu C$.
परिपथ में कुल आवेश $q_{total} = 750\, \mu C$ है।
चूंकि कुल आवेश $q_{total}$ समानांतर संधारित्रों $C_{2}$ और $C_{3}$ पर आवेशों का योग है,इसलिए:
$q_{total} = q_{2} + q_{3}$.
अतः,$q_{2} = q_{total} - q_{3} = 750\, \mu C - 160\, \mu C = 590\, \mu C$.
Solution diagram
230
DifficultMCQ
दिखाए गए परिपथ में,$5\, \mu F$ संधारित्र पर आवेश $........\mu C$ है।
Question diagram
A
$5.45$
B
$16.36$
C
$10.90$
D
$18.00$

Solution

(B) माना बिंदु $O$ का विभव $V_{O} = 0 \, V$ है।
माना ऊपरी जंक्शन का विभव $x$ है।
संधारित्र बैटरी से चित्रानुसार जुड़े हैं। $2\, \mu F$ संधारित्र की बाईं प्लेट का विभव $6\, V$ है और $4\, \mu F$ संधारित्र की दाईं प्लेट का विभव $6\, V$ है।
ऊपरी जंक्शन $x$ पर नोडल विश्लेषण का उपयोग करने पर:
जंक्शन $x$ से जुड़ी प्लेटों पर आवेशों का योग शून्य है: $q_{1} + q_{2} + q_{3} = 0$.
$2(x - 6) + 4(x - 6) + 5(x - 0) = 0$.
$2x - 12 + 4x - 24 + 5x = 0$.
$11x = 36$.
$x = \frac{36}{11} \, V$.
$5\, \mu F$ संधारित्र पर आवेश $q_{3} = C_{3} \cdot V_{3} = 5 \cdot (x - 0) = 5 \cdot \frac{36}{11} = \frac{180}{11} \, \mu C$.
$q_{3} \approx 16.36 \, \mu C$.
Solution diagram
231
MediumMCQ
स्थायी अवस्था में संधारित्र पर आवेश की गणना करें। ($\mu C$ में)
Question diagram
A
$50$
B
$30$
C
$45$
D
$60$

Solution

(C) स्थायी अवस्था में,संधारित्र एक खुले परिपथ (open circuit) की तरह कार्य करता है,जिसका अर्थ है कि संधारित्र वाली शाखा से कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है।
परिपथ में $9 \ V$ की बैटरी $12 \ k\Omega$ के प्रतिरोध और $15 \ k\Omega$ के प्रतिरोध के साथ श्रेणीक्रम में जुड़ी है।
परिपथ का कुल प्रतिरोध $R_{eq} = 12 \ k\Omega + 15 \ k\Omega = 27 \ k\Omega$ है।
परिपथ से प्रवाहित होने वाली धारा $I = \frac{V}{R_{eq}} = \frac{9 \ V}{27 \ k\Omega} = \frac{1}{3} \ mA$ है।
संधारित्र के सिरों पर विभवांतर $15 \ k\Omega$ के प्रतिरोध के सिरों पर विभवांतर के बराबर होता है क्योंकि वे समानांतर क्रम में जुड़े हैं।
$V_c = I \times R = \left(\frac{1}{3} \times 10^{-3} \ A\right) \times (15 \times 10^3 \ \Omega) = 5 \ V$.
संधारित्र पर आवेश $q = C \times V_c = (9 \ \mu F) \times (5 \ V) = 45 \ \mu C$ है।
232
DifficultMCQ
$512$ पारे की समान बूंदों को प्रत्येक को $2 \ V$ के विभव तक आवेशित किया जाता है। बूंदों को जोड़कर एक बड़ी बूंद बनाई जाती है। इस बूंद का विभव ......... $V$ है।
A
$128$
B
$256$
C
$64$
D
$144$

Solution

(A) मान लीजिए कि प्रत्येक छोटी बूंद की त्रिज्या $r$ है और प्रत्येक छोटी बूंद पर आवेश $q$ है।
प्रत्येक छोटी बूंद का विभव $V_{small} = \frac{kq}{r} = 2 \ V$ द्वारा दिया जाता है।
जब $n = 512$ बूंदें जुड़कर $R$ त्रिज्या और $Q$ आवेश की एक बड़ी बूंद बनाती हैं,तो आयतन स्थिर रहता है।
$V_{total} = n \times V_{small} \implies \frac{4}{3} \pi R^3 = 512 \times \frac{4}{3} \pi r^3$.
$R^3 = 512 r^3 \implies R = (512)^{1/3} r = 8r$.
बड़ी बूंद पर कुल आवेश $Q = nq = 512q$ है।
बड़ी बूंद का विभव $V_{large} = \frac{kQ}{R} = \frac{k(512q)}{8r}$ है।
$V_{large} = 64 \times \frac{kq}{r} = 64 \times 2 \ V = 128 \ V$.
233
DifficultMCQ
यदि $C$ और $V$ क्रमशः धारिता (capacity) और वोल्टेज को दर्शाते हैं,तो $\lambda$ की विमाएँ क्या होंगी,जहाँ $\frac{C}{V} = \lambda$?
A
$[M^{-2} L^{-3} I^{2} T^{6}]$
B
$[M^{-3} L^{-4} I^{3} T^{7}]$
C
$[M^{-1} L^{-3} I^{-2} T^{-7}]$
D
$[M^{-2} L^{-4} I^{3} T^{7}]$

Solution

(D) दिया गया है $\lambda = \frac{C}{V}$.
चूंकि $C = \frac{Q}{V}$,इसलिए $\lambda = \frac{Q}{V^{2}}$.
हम जानते हैं कि $V = \frac{W}{Q}$,जहाँ $W$ कार्य है और $Q$ आवेश है।
$\lambda$ के व्यंजक में $V$ का मान रखने पर:
$\lambda = \frac{Q}{(W/Q)^{2}} = \frac{Q^{3}}{W^{2}}$.
विमीय सूत्रों का उपयोग करने पर: $[Q] = [IT]$,$[W] = [ML^{2}T^{-2}]$.
$\lambda = \frac{[IT]^{3}}{[ML^{2}T^{-2}]^{2}} = \frac{[I^{3}T^{3}]}{[M^{2}L^{4}T^{-4}]}$.
$\lambda = [M^{-2} L^{-4} I^{3} T^{3 - (-4)}] = [M^{-2} L^{-4} I^{3} T^{7}]$.
234
DifficultMCQ
$27$ समान पारे की बूंदें प्रत्येक $10 \, V$ पर हैं। ये सभी गोलाकार बूंदें मिलकर एक बड़ी बूंद बनाती हैं। बड़ी बूंद की स्थितिज ऊर्जा छोटी बूंद की तुलना में ....... गुना है।
A
$256$
B
$144$
C
$324$
D
$243$

Solution

(D) माना कि प्रत्येक छोटी बूंद की त्रिज्या $r$ है और बड़ी बूंद की त्रिज्या $R$ है।
आयतन संरक्षण के नियम से,$27 \times (\frac{4}{3} \pi r^3) = \frac{4}{3} \pi R^3$.
इससे $R^3 = 27r^3$ प्राप्त होता है,अतः $R = 3r$.
माना कि प्रत्येक छोटी बूंद पर आवेश $q$ है। बड़ी बूंद पर कुल आवेश $Q = 27q$ होगा।
$r$ त्रिज्या और $q$ आवेश वाली गोलाकार बूंद की स्थिर-वैद्युत स्थितिज ऊर्जा $U_1 = \frac{3}{5} \frac{kq^2}{r}$ होती है।
बड़ी बूंद की स्थितिज ऊर्जा $U = \frac{3}{5} \frac{kQ^2}{R}$ है।
$Q = 27q$ और $R = 3r$ का मान $U$ के समीकरण में रखने पर:
$U = \frac{3}{5} \frac{k(27q)^2}{3r} = \frac{3}{5} \frac{k \cdot 729q^2}{3r} = \frac{729}{3} \left( \frac{3}{5} \frac{kq^2}{r} \right)$.
$U = 243 U_1$.
अतः,बड़ी बूंद की स्थितिज ऊर्जा छोटी बूंद की स्थितिज ऊर्जा का $243$ गुना है।
235
DifficultMCQ
एक समांतर प्लेट संधारित्र की प्लेटों के बीच भरे पदार्थ की प्रतिरोधकता $200 \, \Omega \, m$ है। संधारित्र की धारिता $2 \, pF$ है। यदि संधारित्र की प्लेटों के बीच $40 \, V$ का विभवांतर लगाया जाता है,तो संधारित्र से प्रवाहित होने वाली लीकेज धारा का मान क्या होगा? (पदार्थ की सापेक्ष विद्युतशीलता $50$ दी गई है)
A
$9.0 \, \mu A$
B
$9.0 \, mA$
C
$0.9 \, mA$
D
$0.9 \, \mu A$

Solution

(C) दिया गया है: प्रतिरोधकता $\rho = 200 \, \Omega \, m$,धारिता $C = 2 \times 10^{-12} \, F$,विभवांतर $V = 40 \, V$,सापेक्ष विद्युतशीलता $K = 50$.
प्लेटों के बीच परावैद्युत पदार्थ का प्रतिरोध $R = \frac{\rho d}{A}$ द्वारा और धारिता $C = \frac{K \varepsilon_0 A}{d}$ द्वारा दी जाती है।
इनका गुणा करने पर,समय नियतांक $\tau = RC = \left( \frac{\rho d}{A} \right) \left( \frac{K \varepsilon_0 A}{d} \right) = \rho K \varepsilon_0$ प्राप्त होता है।
लीकेज धारा $I$ ओम के नियम के अनुसार $I = \frac{V}{R}$ है।
$R = \frac{\rho d}{A}$ और $C = \frac{K \varepsilon_0 A}{d} \implies \frac{A}{d} = \frac{C}{K \varepsilon_0}$ रखने पर,हमें $R = \frac{\rho K \varepsilon_0}{C}$ प्राप्त होता है।
अतः,$I = \frac{V}{R} = \frac{VC}{\rho K \varepsilon_0}$.
मान रखने पर: $I = \frac{40 \times 2 \times 10^{-12}}{200 \times 50 \times 8.854 \times 10^{-12}}$.
$I = \frac{80 \times 10^{-12}}{10000 \times 8.854 \times 10^{-12}} = \frac{80}{88540} \approx 0.000903 \, A = 0.903 \, mA$.
निकटतम विकल्प के अनुसार,लीकेज धारा $0.9 \, mA$ है।
236
DifficultMCQ
दिए गए परिपथ में $4\, \mu \text{F}$ के संधारित्र पर आवेश की गणना करें। बैटरी का आंतरिक प्रतिरोध $1\, \Omega$ है। ($\mu \text{C}$ में)
Question diagram
A
$8$
B
$1$
C
$16$
D
$14$

Solution

(A) स्थिर अवस्था में,संधारित्र एक खुले परिपथ (open circuit) के रूप में कार्य करता है,जिसका अर्थ है कि संधारित्र वाली शाखा से कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है।
परिपथ में $1\, \Omega$ के आंतरिक प्रतिरोध वाली $5\, \text{V}$ की बैटरी है जो निचली शाखा में $4\, \Omega$ के प्रतिरोधक के साथ समानांतर में जुड़ी हुई है।
बिंदुओं $A$ और $B$ के बीच विभवांतर बैटरी और निचली शाखा में $4\, \Omega$ के प्रतिरोधक द्वारा निर्धारित होता है।
चूंकि ऊपरी शाखा (जिसमें संधारित्र हैं) में कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है,इसलिए संधारित्रों के सिरों पर विभवांतर बैटरी के टर्मिनलों के विभवांतर के बराबर होता है,जो $4\, \Omega$ के प्रतिरोधक के विभवांतर के समान है।
निचले लूप में धारा $I = \frac{V}{R_{ext} + r} = \frac{5}{4 + 1} = 1\, \text{A}$ है।
$4\, \Omega$ के प्रतिरोधक पर विभवांतर $V_{AB} = I \times R = 1 \times 4 = 4\, \text{V}$ है।
अब,ऊपरी शाखा पर विचार करें। दो $2\, \mu \text{F}$ के संधारित्र समानांतर में हैं,इसलिए उनकी समतुल्य धारिता $C_{p} = 2 + 2 = 4\, \mu \text{F}$ है।
यह $C_{p}$,$4\, \mu \text{F}$ के संधारित्र के साथ श्रेणीक्रम में है। ऊपरी शाखा की कुल समतुल्य धारिता $C_{eq} = \frac{4 \times 4}{4 + 4} = 2\, \mu \text{F}$ है।
समतुल्य संधारित्र पर आवेश $Q = C_{eq} \times V_{AB} = 2\, \mu \text{F} \times 4\, \text{V} = 8\, \mu \text{C}$ है।
चूंकि $4\, \mu \text{F}$ का संधारित्र समानांतर संयोजन के साथ श्रेणीक्रम में है,इसलिए $4\, \mu \text{F}$ के संधारित्र पर आवेश कुल आवेश $Q = 8\, \mu \text{C}$ के बराबर ही होगा।
Solution diagram
237
DifficultMCQ
तीन संधारित्र $C_{1} = 2 \, \mu F$,$C_{2} = 6 \, \mu F$ और $C_{3} = 12 \, \mu F$ चित्र में दिखाए अनुसार जुड़े हुए हैं। संधारित्रों $C_{1}$,$C_{2}$ और $C_{3}$ पर आवेशों का अनुपात ज्ञात कीजिए।
Question diagram
A
$2: 1: 1$
B
$2: 3: 3$
C
$1: 2: 2$
D
$3: 4: 4$

Solution

(C) मान लीजिए बिंदु $A$ पर विभव $V$ है और बिंदु $B$ पर $0$ है। मान लीजिए बिंदु $D$ पर विभव $V_{D}$ है।
चूंकि संधारित्र $C_{2}$ और $C_{3}$ श्रेणीक्रम में हैं,इसलिए उन पर आवेश समान है। नोड $D$ पर पृथक प्लेट प्रणाली के लिए आवेश संरक्षण के सिद्धांत का उपयोग करते हुए:
$(V_{D} - V) C_{2} + (V_{D} - 0) C_{3} = 0$
$(V_{D} - V) 6 + (V_{D} - 0) 12 = 0$
$6V_{D} - 6V + 12V_{D} = 0$
$18V_{D} = 6V \implies V_{D} = \frac{V}{3}$
अब,आवेशों की गणना करें:
$q_{1} = C_{1} V = (2 \, \mu F) V = 2V \, \mu C$
$q_{2} = C_{2} (V - V_{D}) = 6 \, \mu F (V - \frac{V}{3}) = 6 \, \mu F (\frac{2V}{3}) = 4V \, \mu C$
$q_{3} = C_{3} (V_{D} - 0) = 12 \, \mu F (\frac{V}{3} - 0) = 4V \, \mu C$
आवेशों का अनुपात $q_{1} : q_{2} : q_{3} = 2V : 4V : 4V = 2 : 4 : 4 = 1 : 2 : 2$ है।
Solution diagram
238
MediumMCQ
$50 \,\mu {F}$ का एक संधारित्र चित्र में दिखाए गए परिपथ में जुड़ा है। संधारित्र की ऊपरी प्लेट पर आवेश $......\,\mu {C}$ है।
Question diagram
A
$1$
B
$10$
C
$100$
D
$1000$

Solution

(C) स्थिर अवस्था में,संधारित्र एक खुले परिपथ (ओपन सर्किट) के रूप में कार्य करता है,इसलिए संधारित्र वाली शाखा से कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है।
परिपथ में $6 \, V$ की बैटरी के साथ श्रेणीक्रम में $2 \, k\Omega$ के तीन प्रतिरोध जुड़े हुए हैं।
परिपथ का कुल प्रतिरोध $R_{eq} = 2 \, k\Omega + 2 \, k\Omega + 2 \, k\Omega = 6 \, k\Omega$ है।
परिपथ से प्रवाहित होने वाली धारा $I = \frac{V}{R_{eq}} = \frac{6 \, V}{6 \, k\Omega} = 1 \, mA$ है।
संधारित्र सबसे नीचे वाले $2 \, k\Omega$ के प्रतिरोध के साथ समानांतर क्रम में जुड़ा हुआ है।
इस प्रतिरोध के सिरों पर विभवांतर $V_c = I \times R = 1 \, mA \times 2 \, k\Omega = 2 \, V$ है।
चूंकि संधारित्र इस प्रतिरोध के समानांतर है,इसलिए संधारित्र के सिरों पर भी विभवांतर $2 \, V$ होगा।
संधारित्र पर आवेश $q = C \times V_c$ द्वारा दिया जाता है।
$q = 50 \,\mu {F} \times 2 \, V = 100 \,\mu {C}$।
Solution diagram
239
MediumMCQ
समान आकार की सत्ताईस बूंदों में से प्रत्येक को $220 \, V$ पर आवेशित किया गया है। वे मिलकर एक बड़ी बूंद बनाती हैं। बड़ी बूंद का विभव ज्ञात कीजिए ($V$ में)।
A
$1980$
B
$1320$
C
$1520$
D
$660$

Solution

(A) मान लीजिए कि प्रत्येक छोटी बूंद की त्रिज्या $r$ है और प्रत्येक छोटी बूंद पर आवेश $q$ है।
प्रत्येक छोटी बूंद का विभव $V_S = \frac{kq}{r} = 220 \, V$ है।
जब $N = 27$ बूंदें मिलकर $R$ त्रिज्या और $Q$ आवेश की एक बड़ी बूंद बनाती हैं,तो आयतन स्थिर रहता है।
$\frac{4}{3} \pi R^3 = N \times \frac{4}{3} \pi r^3 \implies R = N^{1/3} r = (27)^{1/3} r = 3r$.
बड़ी बूंद पर कुल आवेश $Q = Nq = 27q$ है।
बड़ी बूंद का विभव $V_B = \frac{kQ}{R} = \frac{k(Nq)}{N^{1/3}r} = N^{2/3} \frac{kq}{r} = N^{2/3} V_S$ है।
मान रखने पर: $V_B = (27)^{2/3} \times 220 = (3^3)^{2/3} \times 220 = 3^2 \times 220 = 9 \times 220 = 1980 \, V$.
240
MediumMCQ
$C = 900 \, pF$ धारिता वाले एक संधारित्र को चित्र $(a)$ में दिखाए अनुसार $100 \, V$ की बैटरी द्वारा पूर्णतः आवेशित किया जाता है। फिर इसे बैटरी से अलग करके चित्र $(b)$ में दिखाए अनुसार $C = 900 \, pF$ धारिता वाले एक अन्य अनावेशित संधारित्र से जोड़ा जाता है। चित्र $(b)$ में निकाय द्वारा संचित स्थिर-वैद्युत ऊर्जा $\dots \times 10^{-6} \, J$ है।
Question diagram
A
$3.25$
B
$2.25$
C
$1.5$
D
$4.5$

Solution

(B) $1$. पहले संधारित्र पर प्रारंभिक आवेश: $Q = C V = 900 \times 10^{-12} \, F \times 100 \, V = 9 \times 10^{-8} \, C$.
$2$. जब इसे समान धारिता $C$ वाले अनावेशित संधारित्र से जोड़ा जाता है,तो आवेश $Q$ दोनों संधारित्रों के बीच समान रूप से साझा हो जाता है क्योंकि वे समानांतर क्रम में हैं।
$3$. उभयनिष्ठ विभव $V'$ इस प्रकार है: $V' = \frac{Q_{total}}{C_{total}} = \frac{Q}{C + C} = \frac{9 \times 10^{-8} \, C}{1800 \times 10^{-12} \, F} = 50 \, V$.
$4$. निकाय में संचित कुल स्थिर-वैद्युत ऊर्जा: $U = \frac{1}{2} (C + C) (V')^2 = \frac{1}{2} (1800 \times 10^{-12} \, F) (50 \, V)^2$.
$5$. $U = 900 \times 10^{-12} \times 2500 = 225 \times 10^{-8} \, J = 2.25 \times 10^{-6} \, J$.
Solution diagram
241
MediumMCQ
$27$ समान बूंदें प्रत्येक $22 \ V$ पर आवेशित हैं। वे मिलकर एक बड़ी बूंद बनाती हैं। बड़ी बूंद का विभव............ $V$ होगा।
A
$200$
B
$198$
C
$87$
D
$177$

Solution

(B) मान लीजिए कि प्रत्येक छोटी बूंद की त्रिज्या $r$ है और प्रत्येक छोटी बूंद पर आवेश $q$ है।
प्रत्येक छोटी बूंद का विभव $V = \frac{kq}{r} = 22 \ V$ है।
जब $n = 27$ बूंदें मिलकर $R$ त्रिज्या और $Q$ आवेश की एक बड़ी बूंद बनाती हैं,तो आयतन संरक्षित रहता है:
$\frac{4}{3} \pi R^3 = n \left( \frac{4}{3} \pi r^3 \right) \Rightarrow R = n^{1/3} r = (27)^{1/3} r = 3r$.
बड़ी बूंद पर कुल आवेश $Q = nq = 27q$ है।
बड़ी बूंद का विभव $V' = \frac{kQ}{R} = \frac{k(nq)}{n^{1/3}r} = n^{2/3} \left( \frac{kq}{r} \right)$ है।
मान रखने पर: $V' = (27)^{2/3} \times 22 = (3^3)^{2/3} \times 22 = 3^2 \times 22 = 9 \times 22 = 198 \ V$.
242
MediumMCQ
$0.02 \ m$ त्रिज्या और $5 \ \mu C$ आवेश वाली चौंसठ सुचालक बूंदों को मिलाकर एक बड़ी बूंद बनाई जाती है। बड़ी बूंद के पृष्ठीय आवेश घनत्व और छोटी बूंद के पृष्ठीय आवेश घनत्व का अनुपात ............ होगा।
A
$1: 4$
B
$4: 1$
C
$1: 8$
D
$8: 1$

Solution

(B) माना कि प्रत्येक छोटी बूंद की त्रिज्या $r$ है और बड़ी बूंद की त्रिज्या $R$ है।
चूंकि आयतन स्थिर रहता है,बड़ी बूंद का आयतन $64$ छोटी बूंदों के आयतन के योग के बराबर होगा:
$\frac{4}{3} \pi R^3 = 64 \times \frac{4}{3} \pi r^3$
$R^3 = 64 r^3 \implies R = 4r$.
माना कि प्रत्येक छोटी बूंद पर आवेश $q$ है और बड़ी बूंद पर आवेश $Q$ है।
आवेश संरक्षण के नियम के अनुसार,$Q = 64q$.
पृष्ठीय आवेश घनत्व $\sigma$ को $\sigma = \frac{\text{Charge}}{\text{Area}} = \frac{q}{4\pi r^2}$ के रूप में परिभाषित किया जाता है।
छोटी बूंद के लिए,$\sigma_s = \frac{q}{4\pi r^2}$.
बड़ी बूंद के लिए,$\sigma_B = \frac{Q}{4\pi R^2} = \frac{64q}{4\pi (4r)^2} = \frac{64q}{4\pi (16r^2)} = 4 \times \frac{q}{4\pi r^2}$.
अतः,अनुपात $\frac{\sigma_B}{\sigma_s} = \frac{4 \times \sigma_s}{\sigma_s} = 4:1$.
243
MediumMCQ
$2\,\mu F$ धारिता वाले एक संधारित्र को $0$ से $5\,C$ तक स्थिर रूप से आवेशित किया जाता है। निम्नलिखित में से कौन सा ग्राफ संधारित्र पर आवेश $(Q)$ के सापेक्ष इसकी प्लेटों के बीच विभवांतर $(V)$ के परिवर्तन को सही ढंग से दर्शाता है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(A) एक संधारित्र के लिए आवेश $(Q)$,धारिता $(C)$ और विभवांतर $(V)$ के बीच का संबंध इस सूत्र द्वारा दिया जाता है: $Q = CV$.
विभवांतर के लिए इसे पुनर्व्यवस्थित करने पर,हमें प्राप्त होता है: $V = \frac{1}{C} Q$.
यह समीकरण मूल बिंदु से गुजरने वाली एक सीधी रेखा को दर्शाता है,जहाँ रेखा का ढाल $\frac{1}{C}$ है।
यहाँ $C = 2\,\mu F = 2 \times 10^{-6}\,F$ और अधिकतम आवेश $Q = 5\,C$ दिया गया है,इसलिए अधिकतम विभवांतर होगा:
$V = \frac{Q}{C} = \frac{5}{2 \times 10^{-6}} = 2.5 \times 10^{6}\,V$.
अतः,ग्राफ $(0,0)$ से शुरू होकर $(5, 2.5 \times 10^{6})$ पर समाप्त होने वाली एक सीधी रेखा होनी चाहिए।
दिए गए विकल्पों के साथ तुलना करने पर,ग्राफ $A$ इस रैखिक संबंध को सही ढंग से दर्शाता है।
244
DifficultMCQ
चित्र में दिखाए अनुसार $V$ विभवांतर का एक स्रोत दो समान संधारित्रों के संयोजन से जुड़ा है। जब कुंजी $K$ बंद होती है,तो संयोजन में संचित कुल ऊर्जा $E_{1}$ है। अब कुंजी $K$ को खोल दिया जाता है और दोनों संधारित्रों की प्लेटों के बीच $K_{d} = 5$ परावैद्युतांक वाला एक परावैद्युत पदार्थ डाला जाता है। अब संयोजन में संचित कुल ऊर्जा $E_{2}$ है। अनुपात $E_{1} / E_{2}$ होगा:
Question diagram
A
$\frac{1}{10}$
B
$\frac{2}{5}$
C
$\frac{5}{13}$
D
$\frac{5}{26}$

Solution

(C) स्थिति $I$: स्विच $K$ बंद है।
दोनों संधारित्र स्रोत $V$ के साथ समांतर क्रम में हैं।
तुल्य धारिता $C_{eq} = C + C = 2C$ है।
कुल ऊर्जा $E_{1} = \frac{1}{2} C_{eq} V^{2} = \frac{1}{2} (2C) V^{2} = CV^{2}$ है।
स्थिति $II$: स्विच $K$ खोल दिया जाता है।
बायां संधारित्र स्रोत $V$ से जुड़ा रहता है,इसलिए इसका विभव $V$ रहता है और इसकी नई धारिता $C' = K_{d}C = 5C$ हो जाती है। इसकी ऊर्जा $E_{L} = \frac{1}{2} (5C) V^{2} = \frac{5}{2} CV^{2}$ है।
दायां संधारित्र अलग हो जाता है,इसलिए इसका आवेश $Q = CV$ स्थिर रहता है। इसकी नई धारिता $C' = K_{d}C = 5C$ हो जाती है। इसकी ऊर्जा $E_{R} = \frac{Q^{2}}{2C'} = \frac{(CV)^{2}}{2(5C)} = \frac{CV^{2}}{10}$ है।
कुल ऊर्जा $E_{2} = E_{L} + E_{R} = \frac{5}{2} CV^{2} + \frac{1}{10} CV^{2} = \frac{25+1}{10} CV^{2} = \frac{26}{10} CV^{2} = \frac{13}{5} CV^{2}$ है।
अनुपात $\frac{E_{1}}{E_{2}} = \frac{CV^{2}}{\frac{13}{5} CV^{2}} = \frac{5}{13}$।
Solution diagram
245
DifficultMCQ
एक मिश्रित समानांतर प्लेट संधारित्र दो अलग-अलग परावैद्युत पदार्थों से बना है जिनकी मोटाई ($t_{1} = 0.5 \text{ mm}$ और $t_{2} = 1 \text{ mm}$) और परावैद्युतांक ($\epsilon_{r1} = 3$ और $\epsilon_{r2} = 4$) अलग-अलग हैं,जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। दोनों परावैद्युत पदार्थ एक संवाहक पन्नी $F$ द्वारा अलग किए गए हैं। संवाहक पन्नी का वोल्टेज $.....V$ है।
Question diagram
A
$6$
B
$66$
C
$600$
D
$60$

Solution

(D) मिश्रित संधारित्र श्रेणीक्रम में जुड़े दो संधारित्रों $C_{1}$ और $C_{2}$ के रूप में कार्य करता है।
$C_{1} = \frac{K_{1} \epsilon_{0} A}{t_{1}} = \frac{3 \epsilon_{0} A}{0.5 \times 10^{-3}} = 6000 \epsilon_{0} A$
$C_{2} = \frac{K_{2} \epsilon_{0} A}{t_{2}} = \frac{4 \epsilon_{0} A}{1 \times 10^{-3}} = 4000 \epsilon_{0} A$
चूंकि वे श्रेणीक्रम में हैं,प्रत्येक संधारित्र पर आवेश $q$ समान होता है।
प्रत्येक संधारित्र पर विभव पतन (potential drop) उसके धारिता के व्युत्क्रमानुपाती होता है: $V_{1} + V_{2} = 100 \text{ V}$.
साथ ही,$\frac{V_{1}}{V_{2}} = \frac{C_{2}}{C_{1}} = \frac{4000 \epsilon_{0} A}{6000 \epsilon_{0} A} = \frac{2}{3}$.
$V_{1} = \frac{2}{5} \times 100 = 40 \text{ V}$ और $V_{2} = \frac{3}{5} \times 100 = 60 \text{ V}$.
यदि निचली प्लेट $0 \text{ V}$ पर है,तो पन्नी $F$ का विभव $C_{2}$ के पार विभव पतन है,जो $60 \text{ V}$ है।
Solution diagram
246
MediumMCQ
एक $\alpha$ कण और एक प्रोटॉन को समान विभवांतर द्वारा विरामावस्था से त्वरित किया जाता है। उपरोक्त दो कणों द्वारा प्राप्त रैखिक संवेग का अनुपात क्या होगा?
A
$1 : 2\sqrt{2}$
B
$2\sqrt{2} : 1$
C
$4\sqrt{2} : 1$
D
$8 : 1$

Solution

(B) $V$ विभवांतर द्वारा त्वरित $q$ आवेश वाले कण की गतिज ऊर्जा $K = qV$ द्वारा दी जाती है।
रैखिक संवेग $p$,गतिज ऊर्जा से $p = \sqrt{2mK} = \sqrt{2mqV}$ सूत्र द्वारा संबंधित है।
$\alpha$ कण के लिए,द्रव्यमान $m_{\alpha} = 4m_p$ और आवेश $q_{\alpha} = 2e$ है,जहाँ $m_p$ प्रोटॉन का द्रव्यमान है और $e$ मूल आवेश है।
प्रोटॉन के लिए,द्रव्यमान $m_p$ है और आवेश $q_p = e$ है।
उनके संवेग का अनुपात $\frac{p_{\alpha}}{p_p} = \sqrt{\frac{m_{\alpha} q_{\alpha}}{m_p q_p}} = \sqrt{\frac{4m_p \cdot 2e}{m_p \cdot e}} = \sqrt{4 \cdot 2} = \sqrt{8} = 2\sqrt{2}$ है।
अतः,अनुपात $2\sqrt{2} : 1$ है।
247
MediumMCQ
नीचे दिए गए परिपथ में जब धारा स्थिर हो जाती है,तब $1 \,\mu F$ और $2 \,\mu F$ के संधारित्रों में संचित आवेश कितना होगा?
Question diagram
A
क्रमशः $8 \,\mu C$ और $4 \,\mu C$
B
क्रमशः $4 \,\mu C$ और $8 \,\mu C$
C
क्रमशः $3 \,\mu C$ और $6 \,\mu C$
D
क्रमशः $6 \,\mu C$ और $3 \,\mu C$

Solution

(B) स्थिर अवस्था में (संधारित्रों के पूर्णतः आवेशित होने के बाद),संधारित्रों वाली शाखाओं से कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है। संधारित्र खुले परिपथ की तरह कार्य करते हैं।
परिपथ $1 \,k\Omega$ प्रतिरोध और $2 \,k\Omega$ प्रतिरोध के श्रेणी संयोजन के रूप में सरल हो जाता है,जो $6 \,V$ की बैटरी से जुड़ा है।
परिपथ का कुल प्रतिरोध $R_{\text{total}} = 1 \,k\Omega + 2 \,k\Omega = 3 \,k\Omega = 3000 \,\Omega$ है।
परिपथ में स्थिर धारा $i = \frac{E}{R_{\text{total}}} = \frac{6 \,V}{3000 \,\Omega} = 2 \times 10^{-3} \,A = 2 \,mA$ है।
$2 \,k\Omega$ प्रतिरोध पर विभवांतर $V_{2k} = i \times R = (2 \times 10^{-3} \,A) \times (2000 \,\Omega) = 4 \,V$ है।
चूंकि संधारित्रों वाली शाखाएं $2 \,k\Omega$ प्रतिरोध के समानांतर हैं,इसलिए $1 \,\mu F$ और $2 \,\mu F$ दोनों संधारित्रों पर विभवांतर $2 \,k\Omega$ प्रतिरोध के विभवांतर के बराबर यानी $4 \,V$ होगा।
$1 \,\mu F$ संधारित्र में संचित आवेश $Q_1 = C_1 \times V = (1 \,\mu F) \times (4 \,V) = 4 \,\mu C$ है।
$2 \,\mu F$ संधारित्र में संचित आवेश $Q_2 = C_2 \times V = (2 \,\mu F) \times (4 \,V) = 8 \,\mu C$ है।
अतः,संचित आवेश क्रमशः $4 \,\mu C$ और $8 \,\mu C$ हैं।
Solution diagram
248
MediumMCQ
नीचे दिए गए चित्र में दिखाए गए परिपथ पर विचार करें। सभी प्रतिरोधक समान हैं। संधारित्र के पूर्णतः आवेशित होने पर उसमें संचित आवेश है
Question diagram
A
$0$
B
$\frac{5}{13} \,C V$
C
$\frac{2}{3} \,C V$
D
$\frac{5}{8} \,C V$

Solution

(D) जब संधारित्र पूर्णतः आवेशित हो जाता है,तो यह एक खुले परिपथ की तरह कार्य करता है,जिसका अर्थ है कि संधारित्र वाली शाखा से कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है।
मान लीजिए कि प्रत्येक प्रतिरोधक का प्रतिरोध $R$ है। परिपथ एक ऐसे नेटवर्क में सरल हो जाता है जहाँ संधारित्र बिंदु $A$ और $B$ के बीच जुड़ा होता है।
परिपथ का विश्लेषण करने पर,संधारित्र के सिरों पर विभवांतर बिंदु $A$ और $B$ के बीच का विभवांतर है।
दिए गए समतुल्य परिपथ आरेख के आधार पर,संधारित्र के सिरों पर प्रभावी विभवांतर $V_{AB} = \frac{5}{8}V$ प्राप्त होता है।
अतः,संधारित्र में संचित आवेश $Q = C \cdot V_{AB} = \frac{5}{8}CV$ है।
Solution diagram
249
MediumMCQ
एक समांतर प्लेट संधारित्र (capacitor) को बैटरी का उपयोग करके पूरी तरह से आवेशित किया जाता है। फिर,बैटरी को हटाए बिना,प्लेटों को एक-दूसरे से और दूर ले जाया जाता है। तब,
A
संधारित्र पर आवेश बढ़ता है
B
प्लेटों के बीच विभवांतर घटता है
C
धारिता (capacitance) बढ़ती है
D
संधारित्र में संचित स्थिर वैद्युत ऊर्जा घटती है

Solution

(D) सही विकल्प $D$ है।
$1$. समांतर प्लेट संधारित्र की धारिता $C = \frac{\varepsilon_0 A}{d}$ द्वारा दी जाती है। जब प्लेटों के बीच की दूरी $d$ बढ़ाई जाती है,तो धारिता $C$ घट जाती है।
$2$. चूंकि बैटरी जुड़ी रहती है,इसलिए प्लेटों के बीच विभवांतर $V$ स्थिर रहता है।
$3$. संधारित्र पर आवेश $Q = CV$ द्वारा दिया जाता है। चूंकि $C$ घटता है और $V$ स्थिर है,इसलिए आवेश $Q$ घट जाता है।
$4$. संधारित्र में संचित स्थिर वैद्युत ऊर्जा $U = \frac{1}{2}CV^2$ द्वारा दी जाती है। चूंकि $C$ घटता है और $V$ स्थिर है,इसलिए संचित ऊर्जा $U$ घट जाती है।
250
MediumMCQ
चित्र में दिखाए अनुसार एक समबाहु त्रिभुज के तीन कोनों पर तीन पृथक समान आवेश रखे गए हैं। त्रिभुज के केंद्र पर कुल विद्युत विभव $V$ और कुल विद्युत क्षेत्र की तीव्रता $E$ के लिए कौन सा कथन सत्य है?
Question diagram
A
$E=0, V=0$
B
$V=0, E \neq 0$
C
$V \neq 0, E=0$
D
$V \neq 0, E \neq 0$

Solution

(C) मान लीजिए कि समबाहु त्रिभुज की भुजा की लंबाई $l$ है। केंद्र $O$ से प्रत्येक शीर्ष की दूरी $r = \frac{l}{\sqrt{3}}$ है।
$1$. कुल विद्युत क्षेत्र $(E)$: केंद्र $O$ पर प्रत्येक आवेश $q$ के कारण विद्युत क्षेत्र का परिमाण $E_0 = \frac{kq}{r^2} = \frac{kq}{(l/\sqrt{3})^2} = \frac{3kq}{l^2}$ है। ये तीनों विद्युत क्षेत्र सदिश माध्यिकाओं की दिशा में बाहर की ओर निर्देशित होते हैं और एक-दूसरे के साथ $120^{\circ}$ का कोण बनाते हैं। अध्यारोपण के सिद्धांत और समरूपता के कारण,इन तीन समान क्षेत्रों का सदिश योग शून्य होता है। अतः,$E_{\text{net}} = 0$.
$2$. कुल विद्युत विभव $(V)$: विद्युत विभव एक अदिश राशि है। एक आवेश के कारण केंद्र $O$ पर विभव $V_0 = \frac{kq}{r} = \frac{kq}{l/\sqrt{3}} = \frac{\sqrt{3}kq}{l}$ है। चूंकि ऐसे तीन आवेश हैं,इसलिए कुल विभव $V_{\text{net}} = 3 \times V_0 = 3 \times \frac{\sqrt{3}kq}{l} = \frac{3\sqrt{3}kq}{l}$ होगा। चूंकि $q \neq 0$,इसलिए $V_{\text{net}} \neq 0$ है।
अतः,सही कथन $V \neq 0, E=0$ है।
Solution diagram

Electrostatic Potential and Capacitance — Mix Examples - Electric Potential and Capacitance · Frequently Asked Questions

1Are these Electrostatic Potential and Capacitance questions useful for JEE and NEET?

Yes. All questions in this section are mapped to JEE Main and NEET exam patterns. Previous year questions from JEE Main, NEET, GUJCET and state-level exams are included with full solutions.

2Can I switch to Hindi or Gujarati for these questions?

Yes. Use the language tabs in the hero section or the sidebar to view the same questions and solutions in English, Hindi or Gujarati.

3How do I generate a question paper from this subtopic?

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